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आधार कार्ड | Aadhar Card in Hindi

Aadhar card

दुनिया के सभी प्रमुख देशों ने अपने नागरिकों को विाशिष्ट पहचान पत्र दे रखा है। यह कार्ड सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के अलावा दूसरे दस्तावेजों को बनवाने में भी काम आता है। भारत में पहचान पत्र के नाम पर तो बहुत सारे दस्तावेज मौजूद हैं लेकिन सबमें कुछ न कुछ कमी है। इसी को देखते हुए आधार कार्ड को लांच किया गया और सारी योजनाओं को इससे जोड़ा जा रहा है।

आधार कार्ड के आने के पहले पहचान के रूप में लोग ड्राइविंग लाइसेंस व मतदाता पहचान पत्र लगाते थे। दिक्कत यह थी कि ये दस्तावेज 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के पास ही होते हैं। बैंकों से लेकर सरकारी दफ्तरों में एड्रेस व फोटो प्रूफ के लिए आए दिन किचकिच होती है। ऐसे मे एक ऐसे दस्तावेज की जरूरत महसूस की जा रही थी जिसे जारी करने के पहले व्यक्ति की बायोमेट्रिक जानकारी भी ली जाए।

इसी सोच ने आधार कार्ड को जन्म दिया जो आज स्कूल एडमिशन, बैंक एकाउंट खुलवाने व पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनाने से लेकर हर जगह पर काम आता है। आधार कार्ड क्या है, यह कैसे बनता है, इसकी क्या उपयोगिता है, इसे लेकर सरकार ने क्या नियम बनाए हैं, इसे कहां-कहां इस्तेमाल किया जाता है और इसकी कानूनी वैधता क्या है, आइए इसके बारे में आज आपको विस्तार से बताते हैं।

आधार कार्ड क्या है?| What is Aadhar card

आधार कार्ड को नागरिकता का कार्ड नहीं माना जाता लेकिन यह उससे कम भी नहीं है। आधार आज की डेट में हर जगह काम करता है। इसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी किया जाता है जो भारत सरकार का उपक्रम है। पहले प्राधिकरण द्वारा चयनित एजेंसी आपके मोहल्लों, ऑफिसों में कैंप लगाकर बनाती थीं।

बीच में जन सेवा केंद्रों को आधार कार्ड की सुविधा दी गई थी लेकिन अब इसको वापस ले लिया गया है। गड़बड़ियां सामने आने के बाद सरकार ने आधार कार्ड बनाने के डाक घर व बैंकों को अधिकृत किया है। आधार कार्ड को विशेष एवं सबसे महत्वपूर्ण पहचान पत्र के रूप में मान्यता 2009 में दी गई थी।

आपको भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी कार्ड दिया जाता है जिस पर 12 अंक लिखे होते हैं। यह कार्ड ही भारत में निवास करने का आज की डेट में सबसे बड़ा प्रूफ है। अगर आपके पास यह कार्ड है तो कोई आपको सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित नहीं कर सकता।

आधार कार्ड की जरूरत | Need of Aadhar card

इस वक्त भारत सरकार एवं राज्य सरकारों की सारी योजनाओं का लाभ आधार कार्ड के जरिए ही प्राप्त किया जा सकता है। अब तो इसी नंबर के आधार पर किसानों की कर्जमाफी व सब्सिडी को सीधे उनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। पहले सारे बैंक एकाउंट को आधार से लिंक किया गया और अब तो मोबाइल कनेक्शनों व प्रापर्टी को भी इससे जोड़ा जा रहा है।

अब आधार के जरिए आप ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन व राशनकार्ड समेत सारे दस्तावेज बनवा सकते हैं। आप भी सरकारी दफ्तर में पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड लगाएंगे, वहां आपसे कोई दूसरा प्रमाण पत्र नहीं माना जाएगा।

आधार कार्ड का उपयोग | Use of Aadhar card

  • यूनिवर्सल आइडेंटिटी कार्ड | Universal identity Card

आधार कार्ड का मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों को ऐसा प्रमाण पत्र देना था जो उनकी पहचान की पुष्टि करे। पहले तो इसे सिर्फ पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी गई थी लेकिन बाद में यह बहुपयोगी हो गया। जब आपको जगह आधार कार्ड की जरूरत पड़ती होगी। धीरे-धीरे इसे हर सरकारी योजनाओं से आधार कार्ड को लिंक कर दिया गया है।

इससे सरकार के पास हर व्यक्ति का डाटा बेस तैयार हो रहा है और उनकी हैसियत, आमदनी से लेकर तमाम जानकारियां एक ही क्लिक में मिल जाती हैं। इससे डबल इंट्री के मामलों में काफी हद तक लगाम लगी है। किस व्यक्ति ने कब कौन सी योजना का लाभ लिया था या उस पर सरकार का कितना बकाया है, यह भी आसानी से पता लगाया जा सकता है।

आधार कार्ड को जारी करने की प्रक्रिया इतनी सख्त है अगर कोई धोखे से दूसरा कार्ड बनवा भी लेता है तो वह बच नहीं सकता है। कभी न कभी उसकी चोरी पकड़ी ही जाएगी। भले ही नाम व पिता के नाम में कोई फेरबदल कर दिया गया हो लेकिन अंगुलियों के निशान व रेटिना को बदला नहीं जा सकता। जैसे ही कार्ड के जरिए लोग किसी योजना के लिए फार्म करते हैं, उनकी पोल खुल जाती है।

  • सरकारी सब्सिडी | Government Subsidy

सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। आधार कार्ड को एकाउंट से लिंक करने के बाद सरकार सब्सिडी को सीधे बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर देती है। सब्सिडी गैस सिलेंडर, मिट्टी के तेल, राशन, खाद समेत कई चीजों में सरकार सब्सिडी देती है।

कई योजनाओं में सब्सिडी को एकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है तो कई में आधार कार्ड दिखाने पर छूट मिलती है। सरकार को आधार कार्ड के जरिए यह भी पता चल जाता है कि व्यक्ति सब्सिडी का हकदार है कि नहीं। इससे सब्सिडी के मिस यूज पर काफी हद तक पाबंदी लग गई है।

  • गैस कनेक्शन | Gas Connection

गैस कंपनियों ने पहल डीबीडीएल स्कीम के लिए भी आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब इसके बिना आप कनेक्शन भी नहीं पा सकते। गरीबों के लिए मुफ्त गैस कनेक्शन देने की उज्ज्वला योजना का लाभ भी आधार के बिना आपको नहीं मिलने वाला। सब्सिडी का लाभ पाने के लिए यह जरूरी हो गया है कि आप आधार कार्ड को लिंक करवाएं। सरकार गैस पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे एकाउंट में ट्रांसफर कर रही है।

  • फोन कनेक्शन | Phone Connection

नए मोबाइल फोन कनेक्शन के लिए तो आधार अनिवार्य कर ही दिया है, पुराने कनेक्शन को भी आधार से लिंक करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। अगले साल के फरवरी तक सारे मोबाइल उपभोक्ताओं को अपने सिम को आधार से लिंक करवाना होगा। जो सिम आधार से लिंक नहीं होंगे, उनको बंद कर दिया जाएगा। सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नया सिमकार्ड आधार से लिंक किए बिना न जारी किया जाए।

  • बैंक एकाउंट | Bank Account

अन्य सरकारी सुविधाओं की तरह बैंक एकाउंट को भी आधार से लिंक कर दिया गया है। अब नए एकाउंट के लिए आपको पैन कार्ड के साथ ही आधार कार्ड भी लगाना होगा। बिना आधार के अब बैंक एकाउंट नहीं खुलवा सकते। आधार कार्ड उन गरीब लोगों के काफी काम आता है जिनके पास पैन कार्ड नहीं होता।

  • सौभाग्य योजना | Saubhagya Scheme

केंद्र ने बीपीएल के लिए सौभाग्य नाम से मुफ्त बिजली कनेक्शन वितरित करने की योजना शरू की है। इसके तहत गरीबों को जो कनेक्शन दिया जाएगा, उसके बदले उनसे एक भी रुपये नहीं लिए जाएंगे। गरीबों के घर पर बिजली का मीटर लगाया जाएगा और उनसे बाद में सिर्फ यूनिट के आधार पर ही पैसे लिए जाएंगे। गरीबों की बिजली आम शहरियों की तुलना में सस्ती भी होगी। अब इस योजना का लाभ भी उन्हीं बीपीएल कार्ड धारकों को मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड होगा। सौभाग्य के कनेक्शन तभी जारी होंगे जब आपके आवेदन पर आधार की डिटेल होगी।

वैलिडिटी | Validity

अधिकांश लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि आधार कार्ड की वैलिडिटी कितने साल के लिए होती है। जब भी लोग आधार कार्ड बनवाते जाते हैं तो यह जरूर पूछते हैं कि कितने साल में इसे दोबारा बनवाना पड़ेगा। सवाल होता है कि क्या ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट की तरह समय-समय पर इसका भी नवीनीकरण कराना पड़ता है? जवाब है नहीं।

एक बार आधार कार्ड बन गया तो यह आपको पूरी जिंदगी काम आएगा। हां लोगों के पास एक सुविधा यह होती है कि वह अस्थाई पता बदलते हैं तो वह इसको अपडेट करा सकते हैं। यह प्रक्रिया भी काफी आसान है जिसके बारे में हम आपको आगे बताएंगे।

आधार कार्ड को इनकम टैक्स रिटर्न के लिए पैन से कैसे जोड़ें | How to Link Pan Card to Aadhar Card

अब तो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आपको आधार को पैन से जोडऩा पड़ेगा। इसके बिना आप रिटर्न को फाइल नहीं कर सकते। पैन को आधार से लिंक कराना भी आसान है। लिंक करने के लिए आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट को ओपन करना होगा और इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा।

ऐसे करें लिंक | Follow this

  1. सबसे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट http://incometaxindiaefiling.gov.in/को ओपन करें।
  2. आपको कंप्यूटर के स्क्रीन पर ऊपर की ओर ही आधार ऑप्शन लिखा मिलेगा। इसको क्लिक कर दें।
  3. इसके बाद आधार नंबर, पैन डिटेल और नाम को भर दें। डिटेल भरने के बाद इसे एक बार बारीकी से पढें़ और ओके का बटन दबा दें। बस हो गया काम। आपका पैन आधार से लिंक हो गया।
  4. एक बार लिंक हो जाने के बाद जब भी आप ऑनलाइन रिटर्न फाइल करेंगे तो आपके आधार में दिए गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। आपको यही ओटीपी फार्म में फीड करना होगा। ओटीपी की वैधता 30 मिनट की होती है।
  5. अगर तय अवधि में ओटीपी नहीं फीड कर पाए तो आपको दोबारा फार्म रिटर्न का फार्म खोलना होगा। इसके बाद आपके पास नया ओटीपी आ जाएगा।

आधार नंबर डिटेल | Aadhar number detail

आधार सिर्फ एक कार्ड ही नहीं है। यह एक ऐसा कार्ड है जो आपको इस बात का प्रमाण पत्र देता है कि आपकी सारी जानकारियां सरकार के पास हैं। आप भारत में रहते हैं और आपके पास जो दस्तावेज हैं, वह वैध हैं। इसको जारी करने के पहले आपकी उंगलियों के निशान के साथ ही रेटिना को भी स्कैन किया जाता है।

यह कार्ड बच्चों के लिए भी है। हर बच्चा जिसकी उम्र तीन साल या अधिक है, वह आधार कार्ड बनवा सकता है। बाद में उनकी जानकारियां व उंगलियों के निशान को अपडेट करने की भी सुविधा दी जा रही है।

क्या है आधार नंबर? | What is Aadhar number

आधार कार्ड में आपको 12 अंकों का यूनिक नंबर मिलेगा। आप कह सकते हैं कि इसके बाद यह नंबर ही आपकी पहचान बन जाएंगे। इसके बाद आप जो भी प्रमाण पत्र बनवाएंगे, उसमें यह नंबर दर्ज कर दिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ फ्रॉड या आपराधिक मुकदमा चल रहा हो तो उसकी जानकारी भी आधार के जरिए सरकार को मिल जाती है।

आधार नंबर फार्मेट | Aadhar number format

12 अंकों के आधार नंबर के आधार पर 100 करोड़ से अधिक लोगों को डाटा कलेक्ट किया गया है। शुरू के 11 नंबर पहचान के लिए होते हैं जबकि आखिरी एक नंबर इंट्री में गलतियों को रोकने के लिए होता है। इसे आप चेक नंबर भी कह सकते हैं। हर नंबर का अलग महत्व है। असल में यह नंबर आपके नाम, प्रदेश, जिला, मोहल्ले के कोड होते हैं।

आधार कार्ड में मौजूद जानकारियां | This Information in Aadhar card

  1. व्यक्ति का नाम
  2. आधार संख्या
  3. नामांकन संख्या
  4. फोटो
  5. पिता का नाम
  6. स्थाई पता
  7. अस्थाई पता
  8. जन्म तिथि
  9. व्यक्ति का लिंग

आधार कार्ड और आधार संख्या | Aadhar card and Aadhar number

आधार को लोग एक कार्ड समझते हैं लेकिन यह इससे कहीं ज्यादा है। इसमें जो नंबर मिलता है, वह आधार के बिना भी काम करता है। अगर आपने नंबर कहीं पर लिख रखा है तो कार्ड खो जाने के बावजूद आप इसका डुप्लीकेट घर बैठे बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको यूआईडीएआई की ऑफिशियन वेबसाइट पर जाना होगा।

आपको ऊपर की तरफ आधार सेवा विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक के बाद आपको स्टेटस चेक व अपडेट को विकल्प मिलेगा। निर्देशों का पालन करते हुए आप स्टेटस के साथ ही इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

नागरिक कर सकते हैं एप्लाई लेकिन नागरिकता कार्ड नहीं | Citizen are applied but this is not Citizenship card

  1. आधार कार्ड को भारतीय नागरिक ही अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि यह कार्ड नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं होता। कार्ड बनवाने के लिए आपको कुछ प्रमाण पत्र जमा कराने के साथ कुछ कदम उठाने होते हैं।
  2. आवेदक को कार्ड बनवाने के लिए जन सेवा केंद्र पर खुद उपस्थित होना होगा। यहां पर उसके उंगलियों के निशान लिए जाएंगे और रेटिना को स्कैन किया जाएगा। आवेदक की उम्र 3 साल या इससे अधिक होनी चाहिए।
  3. आधार कार्ड वह भारतीय नागरिक भी बनवा सकता है जो अब विदेशों में रहता है यानि जिनको भारत सरकार से एनआरआई का दर्जा प्राप्त है।
  4. भारत में वैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिक भी आधार कार्ड बनवाकर यहां की सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह कार्ड उन्हीं विदेशी नागरिकों का बन सकता है जो भारत सरकार की अनुमति पर लंबे समय के लिए देश में रह रहे हों। इसमें शरणार्थी व दूतावास के कर्मचारी हो सकते हैं। घुसपैठिए यानि अवैध रूप से भारत में दखिल हुए लोग इसे नहीं बनवा सकते।

आधार कार्ड बनवाने के लिए यह प्रमाण पत्र लाएं | This document submit for Aadhar card

  1. आयु प्रमाण पत्र
  2. परिचय पत्र
  3. निवास प्रमाण पत्र
  4. विवाह प्रमाण पत्र
  5. पासपोर्ट
  6. ड्राइविंग लाइसेंस
  7. सरकारी परिचय पत्र
  8. एसएससीएल प्रमाण पत्र
  9. पैन कार्ड
  10. वोटर आईडी

आधार कार्ड के फायदे | Benefit of Aadhar card

  1. आधार कार्ड भारत का पहला ऐसा पहचान पत्र है जिसमें नाम, पता, पिता का नाम, जन्म तिथि एक ही जगह पर अंकित होता है। यह बच्चों के लिए भी है।
  2. आधार कार्ड को पूरे भारत में हर जगह पर स्वीकार किया जाता है। इसको मानने से कोई भी इंकार नहीें कर सकता है।
  3. आधार कार्ड से आप बैंक एकाउंट, मोबाइल, एलपीजी कनेक्शन तो ले ही सकते हैं, ट्रेन एवं हवाई यात्रा के वक्त पहचान पत्र के तौर पर इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  4. यूआईडीएआई द्वारा जारी आधार कभी भी, कहीं भी और किसी भी काम में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  5. आधार कार्ड में अगर कोई गलती है या जानकारी को अपडेट करना है तो आपको परेशान होने की जरूर नहीं है। आपको यूआईडीए की आधाकारिक वेबसाइट www.ssup.uidai.gov.in को खोलना होगा और दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। आप जन्म तिथि से लेकर स्पेलिंग की कोई गलती को आसानी से दुरुस्त करा सकते हैं। इसके लिए आप मोहल्लों में खुले जन सुविधा केंद्र की भी मदद ले सकते हैं।
  6. इसकी जरूरत आपको वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, टिकट बुकिंग, ईपीएफ चेक, सिम लिंक कराने के वक्त पड़ेगी।

आधार कार्ड के लाभ | Advantage of Aadhar card

  • आधार कार्ड के जरिए भारतीयता की पहचान हो जाती है। अगर आपके पास आधार कार्ड है तो पासपोर्ट बनवाने में बिल्कुल भी वक्त नहीं लगेगा।
  • आधार कार्ड के जरिए गरीब व वंचित लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली जैसी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। यह फार्म भरने व सब्सिडी पाने का भी एक प्रमुख जरिया है।
  • आधार कार्ड के लिए फीस

एक बात को गांठ बांधकर रख लीजिए कि आधार कार्ड बनाने के नाम पर आपसे कोई पैसों की मांग नहीं कर सकता। भारत सरकार ने इस प्रक्रिया को मुफ्त रखा है। अगर कोई पैसे मांगता है तो आप वेबसाइट पर या संबंधित जिलाधिकारी से शिकायत कर सकते हैं। शिकायत लिखित के साथ ही ईमेल के जरिए भी की जा सकती है।

कैसे बनवाएं डुप्लीकेट कार्ड? | How to apply duplicate card

अगर आपका आधार कार्ड खो गया है तो आपको इसका डुप्लीकेट बनवाना होगा। डुप्लीकेट आधार कार्ड के लिए आपके पास 12 अंकों का आधार नंबर होना चाहिए। नंबर न हो तो रजिस्ट्रेशन नंबर से भी काम चल जाएगा। आप इसको वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं और जन सुविधा केंद्र से भी बनवा सकते हैं।

इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगता। बस एक बात का ध्यान रखना है कि आप जिस कागज पर प्रिंट ले रहे हैं, वह अच्छी क्वालिटी का हो। पेपर ऐसा होना चाहिए जिस पर फोटो निकाली जाती है। पेपर अच्छा होगा तो आप बार-बार आधार कार्ड को डाउनलोड करने के लिए झंझट से बच जाएंगे।

अगर घर पर न पहुंचे आधार कार्ड? If Aadhar card not reach at home?

आवेदन के पास आधार कार्ड सीधे आपके घर पर पहुंचेगा। कार्ड बनाने वाली एजेंसी दिए गए पते पर रजिस्टर्ड डाक के जरिए इसको भेजती है। आपको आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर भी उसी वक्त दे दिया जाता है। अगर कार्ड किसी कारण से आधार कार्ड आपके घर पर न पहुंचे तो भी चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

वेबसाइट पर जाकर आप दिए गए निर्देशों का पालन करके आसानी से इसका डुप्लीकेट बनवा सकते हैं। डुप्लीकेट आधार कार्ड भी असली की तरह काम करता है। आप इसका पीडीएफ बनाकर अपने सिस्टम में सेव भी कर सकते हैं। इससे आपको दोबारा कार्ड के खो जाने पर फिर से वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आधार इंक्वायरी एवं कप्लेन \ Aadhar Inquiry and complain

आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल कर सकते हैं। आप वेबसाइट पर ही शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं। अगर आपको इंटरनेट का इस्तेमाल करने में दिक्कत आती है तो जन सुविधा केंद्र भी आपकी मदद करेंगे। वहां पर आपकी सारी समस्याओं का निदान किया जाएगा। अगर कोई बड़ी समस्या होगी तो भी जन सुविधा केंद्र आपकी मदद करेंगे।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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