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डेबिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं । How many types of debit card in Hindi

डेबिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं। यह सवाल आम लोगों के जेहन में है। अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि डेबिट कार्ड कितने प्रकार के होते हैं तो हम आपकी इस जिज्ञासा को शांत करने की कोशिश करेंगे। हम आपको डेबिट कार्ड के फायदे और इससे जुड़ी तमाम जानकारी भी देंगे, ताकि आप इसके लिए आवेदन कर सकें।

types of debit card

चार प्रकार के होते हैं डेबिट कार्ड

डेबिट कार्ड आमतौर पर चार प्रकार के होते हैं। इसमें रूपे डेबिट कार्ड, वीजा डेबिट कार्ड, मास्टर डेबिट कार्ड और मैस्ट्रो डेबिट कार्ड शामिल है। अगर आपका किसी भी राष्ट्रीयकृत या फिर प्राइवेट बैंक में अकाउंट है तो आप किसी भी तरह के डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। डेबिट कार्ड के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको बैंक की अफीशियल वेबसाइट https://www.hdfcbank.com पर विजिट करना होगा, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए होम ब्रांच में विजिट करना होगा। यहां आपको एक फार्म दिया जाएगा, जिसे भरके आप डेबिट कार्ड हासिल कर सकते हैं।

प्रीपेड कार्ड है

डेबिट कार्ड बैंकों की ओर से जारी एक प्रीपेड कार्ड है, जो बैंक अकाउंट के साथ लिंक होता है। कोई भी व्यक्ति, जिसका किसी भी बैंक में अकाउंट है, वह डेबिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है। यह एटीएम कार्ड की तरह ही होता है। इसका इस्तेमाल कर आप एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। बैंक बैलेंस चेक कर सकते हैं। पॉस टर्मिनल पर कार्ड स्वैप कर भुगतान कर सकते हैं।

कार्ड पर एक्सपायरी डेट भी होती है

बैंकों की ओर से जारी डेबिट कार्ड पर तमाम तरह की जानकारी दर्ज होती है। कार्ड पर 16 डिजिट नंबर तो लिखा होता ही है, एक्सपायरी डेट का जिक्र भी होता है। इसके अलावा कोर्ड होल्डर नेम यानी जिस व्यक्ति का कार्ड है, उसका नाम भी कार्ड पर लिखा रहेगा। इसी तरह तीन डिजिट का सीवीवी नंबर भी लिखा होता है। इस तरह की तमाम जानकारी कार्ड पर दर्ज होती है, जो आपकी पहचान के लिए काफी होता है। बेहतर है कि कार्ड पर जो जानकारी दी गई है, आप उन्हें लिखकर रख लें। कार्ड खोने या चोरी होने पर इनकी जरूरत पड़ सकती है।

चार डिजिट पिन की जरूरत पड़ती है

एटीएम कार्ड की तरह डेबिट कार्ड के लिए भी चार डिजिट पिन की जरूरत पड़ती है। कार्ड मिलने के बाद बैंक की तरफ से पिन एलाट किया जाता है, जिन्हें संभालकर रखना होता है। पिन को याद रखने के साथ ही डायरी वगैरह में लिखकर रख लेना चाहिए। आप इस पिन का इस्तेमाल कर एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं। यूटिलिटी बिल भी जमा कर सकते हैं। कार्ड होल्डर्स के लिए बेहतर है कि पिन को किसी के साथ शेयर न करें।

सुरक्षित साइट्स का ही इस्तेमाल करें

आमतौर पर लोग ऑनलाइन शापिंग के लिए किसी भी तरह की साइट्स का इस्तेमाल कर लेते हैं। यह दुरुस्त नहीं है। मशहूर, रिलाइबल, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल की साइट्स का ही इस्तेमाल करें। इसकी वजह से आपके डेबिट कार्ड को कोई खतरा नहीं रहता है। इसके अलावा सुनसान इलाकों में मौजूद एटीएम का इस्तेमाल करने से भी परहेज करें। जहां गार्ड मौजूद हों, उसी एटीएम का इस्तेमाल करें। इसके अलावा किसी को ओटीपी नंबर वगैरह न बताएं। बैंक इस तरह की जानकारी आपसे नहीं मांगता है।

कार्ड को ब्लॉक करवा सकते हैं

आपके पास जो क्रेडिट कार्ड है, उसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। अगर आप किसी के साथ पिन शेयर करते हैं तो इसका नुकसान हो सकता है। बेहतर है कि पिन के साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग के लिए भेजे गए ओटीपी को भी किसी से शेयर न किया जाए। इसके अलावा अगर आपके क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है तो आप तुरंत अपने बैंक के कमस्टमर केयर नंबर पर फोन कर इसे ब्लॉक करवा दें। क्रेडिट कार्ड खोने या चोरी होने पर इसकी जानकारी तुरंत अपने बैंक को दें। स्थानीय पुलिस स्टेशन पर भी इसकी जानकारी दी जा सकती है। इसकी वजह से आप सुरक्षित रहेंगे क्योंकि जिस व्यक्ति को आपका कार्ड मिला है, वह कौन है, कार्ड का इस्तेमाल किस लिए करता है, इसकी जानकारी आपको नहीं रहती है।

About Mohd. razi

हिंदी पत्रकारिता में 14 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में काफी वक्त दिया।

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