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एलपीजी कनेक्शन पोर्टेबिलिटी । Lpg connection portability in hindi

आपने मोबाइल कंपनियों की अदला बदली के बारे में तो खूब सुना होगा। आप बिना नंबर बदले ही एक से दूसरी मोबाइल कंपनी में जा सकते हैं। इस सुविधा को नंबर पोर्टेबिलिटी के नाम से जाना जाता है। क्या आपको पता है कि ऐसी ही सुविधा एलपीजी कनेक्शन पर भी उपलब्ध है। आप चाहें तो एलपीजी कनेक्शन को पोर्ट करवा सकते हैं। आप पुराने कंज्यूमर नंबर के साथ ही अपनी कंपनी बदल सकते हैं। आपको कंपनी बदलने के लिए नया कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं।

lpg

एलपीजी कंपनी को बदलना कोई मुश्किल काम नहीं है। यह बहुत ही आसान है, बस आपको कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। आपको अपनी गैस एजेंसी में आवेदन देना होता है और जिस कंपनी में जाना चाहते हैं, उसके भी निकट की एजेंसी से संपर्क करें। आपको कुछ कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी और कंपनी की तरफ से मिले रेग्युलेटर व सिलेंडर को जमा करना होगा।

कुछ ही दिन में आपको नई एजेंसी एलॉट हो जाएगी। आपको पोर्टेबिलिटी की सूचना एसएमएस के माध्यम से संबंधित कंपनी द्वारा दे दी जाएगी। सूचना मिलते ही, दूसरी कंपनी की एजेंसी से संपर्क करना होगा। वहां पर आपको सिक्योरिटी फीस के साथ ही कुछ कागजी कार्रवाई को पूरा करना होगा। इसके बाद आपको नया सिलेंडर दे दिया जाएगा।

आज से चार साल पहले इस तरह की व्यवस्था के बारे में सोचा ही नहीं जा सकता था। लोगों को असंतुष्ट होने के बावजूद कंपनी को बदलने की फेसेलिटी नहीं दी जाती थी। खराब सर्विस के बावजूद आपको कंपनी को झेलना पड़ता था। अब आप इंडेन से एचपी, एचपी से भारत गैस, भारत गैस से इंडेन या इंडेन से भारत गैस में अपने कनेक्शन को बदलवा सकते हैं।

हम आपको कंपनियों को बदलने का तरीका आज विस्तार से बताते हैं। पहले आप जान लीजिए कि आपको किन-किन चीजों की जरूरत पड़ेगी। आपके पास आधार कार्ड व बैंक अकाउंट होना सबसे जरूरी है। बैंक अकाउंट में ही आपकी सब्सिडी ट्रांसफर की जाएगी।

 ऐसे होगी एलपीजी कनेक्शन पोर्टेबिलिटी

  • मान लीजिए कि आपके पास भारत गैस का कनेक्शन है। आप इस कंपनी की सेवा से संतुष्ट नहीं है तो आपको सबसे पहले उस कंपनी का चुनाव करना होगा, जहां आप कनेक्शन ट्रांसफर चाहते हैं।
  • कंपनी की जो एजेंसी आपके घर के सबसे निकट हो, वहां पर संपर्क करें। वहां से आपको कनेक्शन ट्रांसफर का फार्म मिल जाएगा।
  • दूसरी कंपनी ही आपको स्वीकृति पत्र देगी कि कनेक्शन ट्रांसफर करने पर उसको कोई आपत्ति नहीं है। दूसरी कंपनी को ईमेल के जरिए इसकी सूचना दे दी जाएगी।
  • आपको फार्म भरने के बाद पुरानी गैस एजेंसी पर जाना होगा। वहां पर कनेक्शन को नई कंपनी में ट्रांसफर करने का फार्म जमा करना होगा।
  • फार्म में आपको अपना नाम, पता, जन्म तिथि, कनेक्शन नंबर, मोबाइल नंबर, पता दर्ज करना होगा। आपको पते व पहचान का प्रामण पत्र भी लगाना होगा।
  • इसके बाद आपको पुरानी कंपनी में ही रेग्युलेटर व गैस सिलेंडर को जमा करने के बाद इसकी रिसीविंग भी लेनी होगी।
  • इसके बाद आपको कनेक्शन के वक्त ली गई सिक्योरिटी मनी भी लौटा दी जाएगी।
  • कुछ ही दिन या घंटों में भी आपको एसएमएस या ईमेल के माध्यम से बता दिया जाएगा कि आपके कनेक्शन ट्रांसफर को स्वीकार कर लिया गया है।
  • इस बात की संभावना बहुत कम है कि कंपनी की ओर से आपको रोकने की कोशिश की जाएगी या सेवाओं में सुधार का आश्वासन दिया जाएगा। मोबाइल कंपनियां नंबर पोर्ट कराने वालों को अक्सर इस तरह का झांसा देती हैं।
  • अब आपको नई कंपनी के पास जाना होगा। वहां पर कनेक्शन ट्रांसफर के फार्म को दिखाना होगा।
  • आपसे सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। इसके साथ ही आपको गैस सिलेंडर व रेग्युलेटर प्रदान कर दिया जाएगा।
  • नई एजेंसी पुराने कनेक्शन के ट्रांसफर होने पर चूल्हा लेने के लिए आप पर दबाव नहीं डाल सकती हैं।
  • आपको कनेक्शन ट्रांसफर होने पर अलग से कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है।

 ऐस करें शिकायत

  1. गर आपको कनेक्शन ट्रांसफर होने में किसी तरह की दिक्कत पेश आती है तो आप इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  2. अधिक जानकारी के लिए आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं।
  3. आप इंडेन, एचपी व भारत गैस से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत टोल फ्री नंबर 18002333555 पर भी दर्ज करवा सकते हैं।
  4. भारत सरकार ने इस नंबर पर 32 तरह की शिकायतों को दर्ज कराने की अनुमति दी है।
  5. शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद आपको एसएमएस के माध्यम से बताया जाएगा कि शिकायत दर्ज हो चुकी है।
  6. शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे से लेकर एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। आपको इसकी सूचना भी एसएमएस के माध्यम से भी दी जाएगी।
  7. आपको शिकायत के स्टेटस की जानकारी भी मिलती रहेगी।

 कनेक्शन पोर्ट कराने के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • टेलीफोन बिल
  • बिजली का बिल
  • वोटर आईडी कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • पासबुक की फोटो कॉपी
  • आवासीय पंजीकरण दस्तावेज
  • पासपोर्ट
  • सेल्फ डिक्लेरेशन

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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