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कैसे बनवाएं ड्राइविंग लाइसेंस | driving licence in hindi

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जिस व्यक्ति की उम्र 18 साल हो गई है, उसको गाड़ी की जरूरत तो पड़ती ही है। गाड़ी भी आप तभी चला सकते हैं जब आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस हो। अगर लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाई और पकड़े गए तो जुर्माना देना पड़ सकता है। बिना लाइसेंस के ही अगर एक्सीडेंट होता है या किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लग जाती है तो बीमा कंपनियां क्लेम भी नहीं देतीं।

अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं तो लाइसेंस आपके पास होना जरूरी है। लाइसेंस को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां भी हैं। आरटीओ ऑफिस की उलझाऊ प्रक्रिया के डर से लोग अपने आप ही दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं और जो काम 100 से 200 रुपये में हो जाता है, उसके लिए हजारों रुपये फूंक देते हैं।

अगर आपको भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो दलालों के चक्कर में न पड़ें। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल है लेकिन आप चाहेंगे तो सारा काम आसानी से हो जाएगा। आपको ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेकर आरटीओ आफिस में उपस्थित होकर टेस्ट देना होगा। टेस्ट व अप्वाइंटमेंट लेने की प्रक्रिया की जानकारी आपको आर्टिकल में विस्तार से दी जाएगी।

खुद उपस्थित होना होगा | Must be present himself

आप ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जा रहे हैं तो यह बात अच्छी तरह से जान लें कि इसके लिए आपको खुद आरटीओ ऑफिस के लाइसेंसिंग अफसर के समक्ष उपस्थित होना ही होगा। अगर कोई कहता है कि आपका लाइसेंस घर बैठे बनवा देगा तो वह धोखा दे रहा है। ऐसे लोगों के झांसे में बिल्कुल भी न आएं।

आरटीओ में लाइसेंस के लिए आपको वेब कैम से फोटो खिंचवानी पड़ती है और बायोमेट्रिक निशान भी देते पड़ते हैं। यह सारी प्रक्रिया आपके उपस्थित हुए बिना पूरी नहीं हो सकती। इसलिए किसी दलाल के चंगुल में न फंसें। अगर आप दलाल के झांसे में आ गए तो लाइसेंस तो आपको पक्का मिलेगा लेकिन वह फर्जी होगा। ऐसे लाइसेंस से ड्राइविंग करते हुए आप पकड़े गए तो चालान तो होगा ही किसी दुर्घटना के बाद मुसीबत और बढ़ सकती है।

कार की मरम्मत के लिए तो इंश्योरेंस कंपनियां रुपये देंगी नहीं बल्कि अगर कोई घायल हो जाता है तो उसका इलाज भी आपको अपनी जेब से कराना होगा। इसके अलावा आपके खिलाफ बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने का चार्ज लगेगा और मुकदमा भी चलेगा। आप अरेस्ट भी किए जा सकते हैं। इसलिए अगर गाड़ी को चलाना चाहते हैं तो लाइसेंस को हर हाल में बनवा लें।

क्या है ड्राइविंग लाइसेंस | What is driving licence

ड्राइविंग लाइसेंस वह दस्तावेज है जो राज्य सरकार के लाइसेंसिंग अफसर जारी करते हैं। 50 सीसी की बाइक, गियर वाली बाइक, कार, कामर्शियल कार, मिनी बस या मिनी ट्रक, बस व ट्रक के लिए अलग-अलग लाइसेंस बनता है। सबके लिए शर्तें अलग-अलग हैं। 50 सीसी से कम क्षमता वाली बाइक का लाइसेंस 16 साल की उम्र में बनता है तो गियर वाली मोटर साइकिल व प्राइवेट कार के लिए 18 साल की उम्र होनी चाहिए।

कामर्शियल लाइसेंस डायरेक्ट नहीं बनता है। कामर्शियल लाइसेंस उसी व्यक्ति का बनता है जिसके पास कम से कम एक साल पुराना प्राइवेट लाइसेंस हो और उम्र कम से कम 20 साल हो। कामर्शियल लाइसेंस भी पहले लर्निंग बनता है। बाद में इसको पर्मानेंट किया जाता है। कामर्शियल लाइसेंस के लिए लोगों को ड्राइविंग स्कूल से सर्टिफिकेट भी प्राप्त करना होता है। इसके बाद भी एक टेस्ट होता है और अगर कोई फेल हो जाता है तो कम से कम छह महीने वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकेगा।

सभी लाइसेंस की अवधि भी अलग-अलग है। प्राइवेट लाइसेंस अधिकतम 50 साल की उम्र या अधिकतम 20 साल के लिए बनता है। इन दोनों में जो भी अवधि कम होगी, लाइसेंस की वैलिडिटी उतने ही दिन के लिए होगी। मान लीजिए कि आप का लाइसेंस 18 साल की उम्र में बनता है तो इसकी वैधता 38 साल की उम्र तक के लिए होगी।

अगर आप लाइसेंस 30 साल की उम्र में बनवाते हैं तो यह आपके 50 साल के होने तक के लिए मान्य होगा। इसके बाद आपको लाइसेंस का नवीनीकरण करवाना होगा। प्राइवेट लाइसेंस का नवीनीकरण पांच साल के लिए होता है। कामर्शियल लाइसेंस पर 50 साल या अधिकतम 20 साल का नियम लागू नहीं होता। कामर्शियल लाइसेंस का हर तीन साल में रिन्युअल करवाना होता है।

ड्राइविंग लाइसेंस के प्रकार | Types of driving licence

आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करें, इसके पहले आप लाइसेंस कितने प्रकार के हाते हैं, यह जान लीजिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि कौन सा लाइसेंस आपको चाहिए।

  • 50 सीसी या कम क्षमता की बाइक। इस श्रेणी में सिर्फ मोपेड आते हैं
  • 50 सीसी या अधिक क्षमता की बाइक। इस श्रेणी में दो पहिया बाइक या स्कूटर आते हैं
  • 50 सीसी से अधिक क्षमता की बाइक व एलएमवी यानि लाइट मोटर व्हेकिल। एलएमवी में कार, जीप व एसयूवी आती है
  • कामर्शियल लाइसेंस। इसके अंतर्गत सभी छोटे-मध्यम व बड़ी कामर्शियल गाडिय़ां आती हैं। यानि यह लाइसेंस बनवाकर आप ट्रक-बस या इससे कम क्षमता के कामर्शियल भी वाहन चला सकते हैं।
  • ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्रता भी अलग-अलग है। इसके लिए उम्र का बंधन तो है ही, अंंगूठा छाप लोग भी इसको नहीं बनवा सकते हैं। लोगों को कम से कम पढऩा लिखना और संकेतों को समझना आना ही चाहिए।
  • ड्राइविंग लाइसेंस संबंधित कोई भी जानकारी आप 18001800152 टोल फ्री नंबर पर भी हासिल कर सकते हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्रता | Eligibility for licence

  1. 50 सीसी या कम क्षमता की बाइक या स्कूटर के लिए लाइसेंस बनवाने की न्यूनतम उम्र 16 साल है। यह उम्र लर्निंग लाइसेंस के लिए है। पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आप कम से कम छह महीने बाद अर्ह होंगे। इसके लिए आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा।
  2. 50 सीसी या अधिक क्षमता की बाइक के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल होनी चाहिए। इसके लिए भी पहले लर्निंग और फिर पर्मानेंट लाइसेंस बनता है। आवेदक को दोनों प्रक्रियाओं के लिए एक टेस्ट से गुजरना पड़ता है।
  3. प्राइवेट कार या जीप के लिए लाइसेंस भी बनवाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल होनी चाहिए। 50 सीसी या अधिक क्षमता की बाइक व प्राइवेट कार के लिए लाइसेंस एक साथ बन सकता है और अलग-अलग भी बनवाया जा सकता है।

लाइसेंस के लिए जरूरी पेपर्स | Important papers

  • आयु प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट
  • हाईस्कूल का सर्टिफिकेट
  • स्कूल की ओर से जारी की गई टीसी
  • आधार कार्ड

पते का प्रमाण पत्र | Address proof

  1. आधार कार्ड
  2. हाउस रेंट एग्रीमेंट
  3. पासपोर्ट
  4. वोटर आईडी कार्ड
  5. एलआईसी बांड
  6. राशन कार्ड
  7. बिजली का बिल
  8. टेलीफोन का बिल
  9. एलपीजी कनेक्शन बुक

इन पेपर्स की भी पड़ेगी जरूरत | These papers will also need

  • लर्निंग लाइसेंस के लिए छह पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो साथ लेकर आएं
  • पर्मानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एक अतिरिक्त नवीनतम रंगीन फोटो साथ लाएं
  • आवेदन के लिए निर्धारित फीस
  • 40 या इससे अधिक उम्र के लोगों के लिए मेडिकल ऑफिसर द्वारा जारी मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट

लाइसेंस के लिए ऐसे करें एप्लाई | How to apply for learning licence

  1. आपको सबसे पहले भारत सरकार की सारथी वेबसाइट पर जाना होगा। इसका लिंक आपको नीचे मिलेगा।
  2. आपको सबसे पहले अपने राज्य का चयन करना होगा। इसके बाद जिले का। अपनी सारी डिटेल भरकर व डॉक्यूमेंट्स को अपलोड कर सबमिट कर दें।
  3. वेबसाइट आपके लिए ऑनलाइन व ड्राइविंग टेस्ट के लिए तारीख तय कर देगा। आपको निर्धारित समय व तारीख पर आरटीओ ऑफिस पहुंचना होगा।
  4. आरटीओ ऑफिस में लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर के पास जाना होगा। लाइसेंस इंस्पेक्टर को यूपी में आरआई और दक्षिण भारत व अन्य राज्यों में मोटर व्हेकिल इंस्पेक्टर कहा जाता है।
  5. आपको ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। इसके बाद आपका ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा।
  6. अप्वाइंटमेंट लेने के लिए यहां पर क्लिक करें
  7. आरटीओ ऑफिस में आपको लर्निंग लाइसेंस के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी फीस का भुगतान कर सकते हैं।
  8. शुल्क जमा करने के बाद आपका बायोमेट्रिक निशान लिए जाएंगे और वेबकैम से फोटो खींची जाएगी। सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होती हैं। यानि आरटीओ के मुख्यालय में बैठे अफसरों के पास जानकारी होती है कि किस व्यक्ति ने लर्निंग टेस्ट के लिए आवेदन किया है।
  9. इसके बाद आपको टेस्ट रूम में भेजा जाएगा। वहां पर आपको ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। इसमें आपसे ड्राइविंग से जुड़े ही सवाल पूछे जाएंगे। सभी सवाल ऑब्जेक्टिव होते हैं। यानि कि हर प्रश्र के साथ चार विकल्प दिए जाएंगे जिसमें से सही को आपको चुनना है।
  10. सवाल रोड साइन, ट्रैफिक रूल से जुड़े ही पूछे जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं है तो उसका लाइसेंस नहीं बन सकता। क्योंकि जवाब देने के लिए उसको हेल्पर नहीं मिलेगा। टेस्ट की प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड भी की जाती है।
  11. टेस्ट के कुछ ही देर बाद रिजल्ट डिक्लेयर कर दिया जाएगा। अगर आप पास होंगे तो उसी दिन लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
  12. लर्निंग लाइसेंस सिर्फ छह महीने के लिए मान्य होता है। इस अवधि में आपको ड्राइविंग के वक्त अपनी गाड़ी के आगे व पीछे ‘L‘ लिखवाना होगा।
  13. लर्निंग लाइसेंस धारक अगर एल प्लेट नहीं लगाएंगे तो यह भी नियम का उल्लंघन होगा। पकड़े जाने पर उनका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
  14. छह महीने के भीतर लर्निंग लाइसेंस धारक को ड्राइविंग सीखनी होगी। इसके लिए वे आरटीओ की ओर से अधिकृत ड्राइविंग स्कूल की भी मदद ले सकते हैं।
  15. स्कूल में 15 दिन से लेकर 30 दिन तक का कोर्स चलाया जाता है। इसमें इंस्ट्रक्टर खास तौर पर बने दो ब्रेक व दो क्लच वाली कार में ड्राइविंग सिखाता है। क्लास एक से दो घंटे की होती है।
  16. यदि छह महीने के भीतर आप ड्राइविंग नहीं सीख पाएंगे तो लर्निंग लाइसेंस एक्सपायर हो जाएगा। इसके लिए बाद आपको फिर से लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा।

पर्मानेंट लाइसेंस के लिए कैसे करें एप्लाई | How to apply permanent licence

  • लर्निंग लाइसेंस बनने के कम से कम एक महीने बाद ही आप पर्मानेंट लाइसेंस के लिए एप्लाई कर सकते हैं।
  • पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आपको फिर से अप्वाइंटमेंट लेकर आरटीओ ऑफिस जाना होगा।
  • आपको फार्म के साथ फिर से पते, पहचान व उम्र के प्रमाण पत्र लगाने होंगे। प्रमाण पत्र वही होने चाहिए जो आपने लर्निंग लाइसेंस हासिल करने के वक्त लगाए थे।
  • पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आपको एक रंगीन फोटो भी साथ लानी होगी। पते, पहचान व उम्र के ओरिजनल प्रमाण पत्रों को भी साथ लाएं। आपकी ऑफिस में ही फिर से वेबकैम से फोटो ली जाएगी।
  • आपने जिस वाहन को चलाने के लिए लर्निंग लाइसेंस लिया है, उसका पर्मानेंट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा।
  • लाइसेंसिंग ऑफिसर को आपको कार या बाइक चलाकर दिखानी होगी। कार या बाइक आरटीओ ऑफिस से आपको नहीं मिलेगी। वाहन आपको अपने साथ ले जाना होगा।
  • टेस्ट देते वक्त बिल्कुल भी घबराए नहीं। आपको भीड़भाड़ वाले रास्ते पर भी गाड़ी चलाने को कहा जा सकता है। आपसे ट्रैफिक रूल्स से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं।
  • अगर आप फेल हो गए तो अगले पांच महीने आप लर्निंग लाइसेंस के लिए फिर से एप्लाई नहीं कर पाएंगे। दूसरा लर्निंग लाइसेंस आपको पहले के जारी होने के छह महीने बाद ही मिलेगा।
  • पास हो जाने के बाद आपको पर्मानेंट लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
  • पर्मानेंट लाइसेंस आपको हाथों हाथ नहीं मिलेगा। लाइसेंस आपके घर के पते पर स्पीड पोस्ट से भेजा जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए आपको अलग से फीस भी जमा करनी होगी।
  • पते पर लाइसेंस इसलिए भेजा जाता है ताकि गलत व्यक्ति के हाथों में यह न पड़े। अगर आपके घर का पता गलत होगा तो लाइसेंस आप तक नहीं पहुंचेगा। इसलिए सही पता ही दर्ज करवाएं व प्रमाण पत्र लगाएं।

पूरे देश में चला सकते हैं वाहन | Eligible for driving in india

ड्राइविंग लाइसेंस आपको राज्य सरकार की लाइसेंसिंग अथारिटी जारी करती है लेकिन इसकी मान्यता पूरे देश के लिए होती है। उत्तर प्रदेश में बना ड्राइविंग लाइसेंस लेकर आप पूरे देश में कहीं भी ड्राइविंग कर सकते हैं। आपको कोई रोकेगा टोकेगा नहीं। अब तो एटीएम की तरह ही चिप लगे ड्राइविंग लाइसेंस बनने लगे हैं।

लाइसेंस में आपके जिले का नंबर लिखा होता है और फिर लाइसेंस का नंबर होता है। जैसे कि आप लखनऊ के रहने वाले हैं तो लाइसेंस के नंबर की शुरुआत यूपी 32 से होगी। दिल्ली के हैं तो डीएल से। इससे पता चल जाता है कि लाइसेंस किस राज्य और किस जिले से जारी किया गया है।

दूसरे राज्यों की पुलिस व लाइसेंसिंग अथारिटी भारत सरकार के पोर्टल से लाइसेंस धारक की पूरी डिटेल भी पता लगा सकती है। अगर आपने कभी एक्सीडेंट किया होगा या रूल तोडऩे पर चालान हुआ होगा तो यह भी आपके लाइसेंस के नंबर साथ पोर्टल में दर्ज होगा। यानि आप नियम तोडक़र बच नहीं सकते।

आप बार-बार नियम तोड़ेंगे तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। बायोमेट्रिक निशान व वेबकैम से फोटो पहले ही ले ली जाती है। यदि आप भारत में किसी भी राज्य से अगर नए लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे तो पकड़े जाएंगे।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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