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कैसे बनवाएं कार का लाइसेंस | How to apply car license in hindi

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नरेंद्र मोदी सरकार ने एक स्लोगन दिया है। मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है। अगर आटोमोबाइल क्षेत्र की बात की जाए तो यह स्लोगन एकदम सटीक बैठता है। जो मोपेड से चलते थे, उनके पास अब बाइक है। जो बाइक से चलते थे, वे अब कार की सवारी कर रहे हैं। जो पहले से कार से चल रहे थे, उनके घर में इसकी संख्या बढ़ गई है। एक से दो और तीन तक कारें कई घरों में पहुंच गई हैं। अगर आप कार चला रहे हैं तो आपके पास एलएमवी यानि लाइट मोटर व्हेकिल ड्राइविंग लाइसेंस तो होना ही चाहिए। क्या कहा, अब तक आपके पास एलएमवी लाइसेंस नहीं है? ऐसा मत करिए। बिना एलएमवी लाइसेंस के कार ड्राइविंग करेंगे तो बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगे। खुदा न खास्ता अगर एक्सीडेंट हो गया या कोई आपकी गलती से घायल हो गया तो इंश्योरेंस कंपनियां हाथ खड़ी कर देंगी। आपको एक कौड़ी भी नहीं मिलेगी और आपराधिक मुकदमा भी झेलना पड़ेगा। इतना ही नहीं, अगर आप बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करते पकड़े गए तो भारी जुर्माना भी अदा करना होगा। इसलिए अब वक्त न बर्बाद करें। कार को कुछ दिन के लिए आराम दें तो और फटाफट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर दें। पहले लर्निंंग लाइसेंस बनेगा और छह महीने के भीतर आप पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर पाएंगे। दोनों बार आपको टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा। अगर आपको ट्रैफिक रूल्स और साइन्स के बारे में जानकारी होगी तो टेस्ट को बड़ी आसानी से पास कर लेंगे।

आरटीओ ऑफिस जाना ही होगा | Visit to RTO office

अब लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के बारे में भी जान लीजिए। एलएमवी लाइसेंस के लिए आपको आरटीओ ऑफिस जाना ही होगा। अगर आपके पास टू व्हीलर का पर्मानेंट लाइसेंस पहले से है तो आपका काम आसानी से हो जाएगा। एक बात का अच्छी तरह से ख्याल रखें कि लाइसेंस के लिए आपको आरटीओ ऑफिस जाना ही होगा। अगर कोई कहता है कि वह आपका लाइसेंस घर बैठे बनवा देगा तो जान लीजिए कि वह बहुत बड़ा फ्राड है। लाइसेंस बनवाने के पहले आपके बायोमेट्रिक निशान लिए जाते हैं और वेबकैम से फोटो ली जाती है। इसके अलावा आपको लर्निंग लाइसेंस बनवाते वक्त ऑनलाइन टेस्ट देना होता है। आपको लाइसेंस के लिए एप्लाई करते वक्त ही पहचान, पता व उम्र के ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स भी दिखाने होंगे। आप जैसे ही आरटीओ ऑफिस पहुंचेंगे तो आपको गेट पर ही कई दलाल घेर लेंगे और फार्म दिखाने लगेंगे। उनके झांसे में मत आइएगा और सीधे ऑफिस में जाइएगा। अगर कोई घर बैठे लाइसेंस नवाने की बात कह रहा है तो इस बात की गारंटी है कि वह पक्का फर्जी लाइसेंस ही आपको थमाएगा। ऐसा हुआ तो इंश्योरेंस क्लेम तो मिलेगा नहीं, उल्टे आपके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।

ऑफिस से ही लें फार्म | Form purchase

आपके पास पहले से टू व्हीलर का पर्मानेंट लाइसेंस है तो भी आपको एलएमवी के लिए लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा और जांच व टेस्ट की पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा। आप आरटीओ ऑफिस जाएंगे तो दरवाजे पर ही आपको दलाल घेर लेंगे। आप उनके चक्कर में मत पडि़एगा। सीधे ऑफिस में जाइए और निर्धारित काउंटर से लर्निंग लाइसेंस के लिए फार्म नंबर एक व दो खरीदें। फार्म खरीदते वक्त ही आपका नाम व पता दर्ज किया जाएगा। ऑफिस के बाहर जो फार्म बेचे जाते हैं, उस पर खरीदार का नाम नहीं लिखा होता। एक तरह से वह फर्जी फार्म है। फार्म खरीदने के बाद इसमें अपना नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि व पते के कॉलम को भरें। फार्म में ही एलएमवी का उल्लेख करें। आखिर में अपना सिग्रेचर करें। अपने पुराने टू व्हीलर लाइसेंस का इसमें जिक्र करें और लाइसेंस नंबर भी भरें।

लाइसेंस के लिए जरूरी पेपर्स | Important document for licence

आयु प्रमाण पत्र

  1. जन्म प्रमाण पत्र
  2. पैन कार्ड
  3. पासपोर्ट
  4. हाईस्कूल का सर्टिफिकेट
  5. स्कूल की ओर से जारी की गई टीसी
  6. आधार कार्ड
  7. वोटर आईडी कार्ड

पते का प्रमाण पत्र

  • आधार कार्ड
  • हाउस रेंट एग्रीमेंट
  • पासपोर्ट
  • वोटर आईडी कार्ड
  • एलआईसी बांड
  • राशन कार्ड
  • बिजली का बिल
  • टेलीफोन का बिल
  • एलपीजी कनेक्शन बुक
  • छह रंगीन फोटो
  • आवेदन के लिए निर्धारित फीस

यह पेपर न लगाएं | Don’t attach these document

बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट और बैंक पासबुक आरटीओ में मान्य नहीं हैं। अगर आप लर्निंग लाइसेंस के लिए एप्लाई कर रहे हैं तो यह दस्तावेज न लेकर जाएं। अगर आपने इन दस्तावेंजों को लगाया तो फार्म रिजेक्ट हो जाएगा। आप जिन डॉक्यमेंट्स को अटैच कर रहे हैं, उनकी ओरिजनल कॉपी को भी साथ रखें। इसको भी जांच के लिए आरटीओ ऑफिस में जमा करना होगा। जांच के बाद ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स आपको लौटा दिए जाएंगे।

देने होंगे बायोमेट्रिक निशान | Give Biometric marks

फार्म को अच्छी तरह से भर लेने के बाद इसको निर्धारित काउंटर पर जमा कर दें। फार्म जमा होने के कुछ देर बाद आपको ऑनलाइन लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा के पहले आपके बायोमेट्रिक निशान लिए जाएंगे और वेबकैम से फोटो खींची जाएगी। सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होती हैं। आरटीओ ऑफिस में बैठे लोगों को भी पता नहीं होता कि कौन सा प्रश्र आपसे पूछा जाएगा। टेस्ट प्रक्रिया की परिवहन विभाग के मुख्यालय से मॉनिटरिंग भी की जाती है। ऑनलाइन टेस्ट में आपसे ड्राइविंग, ट्रैफिक रूल्स और साइन से जुड़े सवाल ही पूछे जाएंगे। सभी सवाल ऑब्जेक्टिव होंगे। हर प्रश्र के साथ चार विकल्प दिए जाएंगे जिसमें से सही जवाब को आपको चुनना होगा। यदि कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं है तो उसका लाइसेंस नहीं बन सकता। क्योंकि जवाब देने के लिए उसको हेल्पर नहीं मिलेगा।

थोड़ी देर में आएगा रिजल्ट | After some time result declare

ऑनलाइन टेस्ट के कुछ ही देर बाद रिजल्ट घोषित कर दिया जाता है। आप टेस्ट में पास हो जाएंगे तो उसी दिन आपको लर्निंग लाइसेंस बनाकर दे दिया जाएगा। लर्निंग लाइसेंस सिर्फ छह महीने के लिए मान्य होता है। इस अवधि में आपको ड्राइविंग के वक्त अपनी गाड़ी के आगे व पीछे एल लिखवाना होगा। लर्निंग लाइसेंस धारक अगर एल प्लेट नहीं लगाएंगे तो यह भी नियम का उल्लंघन होगा। पकड़े जाने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है। छह महीने का वक्त लोगों को ड्राइविंग सीखने के लिए दिया जाता है। ड्राइविंग सीखने के लिए आप आरटीओ की ओर से अधिकृत ड्राइविंग स्कूल की भी मदद ले सकते हैं।

ले सकते हैं एडमिशन | Learn driving

मोटर ड्राइविंग स्कूल में 15 दिन से लेकर 30 दिन तक का ड्राइविंग कोर्स चलाया जाता है। इसमें आपको हर तरह की गाड़ी चलानी सिखाई जाती है। हालांकि अधिकांश लोग चार पहिया गाड़ी चलाना सीखने आते हैं। ट्रेनिंग कार खास तौर पर बनाई जाती है। इसमें दो क्लच व दो ब्रेक होते हैं। आपके हाथ में स्टेरिंग होगी, आप ही गियर लगाएंगे लेकिन बगल में बैठे प्रशिक्षक के पास एक्सट्रा क्लच व बे्रक होता है। आप गलती करेंगे तो प्रशिक्षक कार को रोक सकता है।

पर्मानेंट लाइसेंस के लिए ऐसे करें एप्लाई | How to apply permanent licence

लर्निंग लाइसेंस बनने के एक महीने बाद ही आप पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। पर्मानेंट लाइसेंस के लिए आपको फिर से आरटीओ ऑफिस जाना होगा। वहां पर निर्धारित काउंटर पर फीस देकर फार्म नंबर 4 खरीद लें। फार्म के साथ आपको फिर से पते, पहचान व उम्र के प्रमाण पत्र लगाने होंगे। प्रमाण पत्र वही होने चाहिए जो आपने लर्निंग लाइसेंस के लिए लगाए थे। पर्मानेंट लाइसेंस के लिए एक रंगीन फोटो भी साथ लेकर आएं। पते, पहचान व उम्र के ओरिजनल प्रमाण पत्रों को भी साथ लाएं। आपकी ऑफिस में ही फिर से वेबकैम से फोटो ली जाएगी। आपने जिस वाहन को चलाने के लिए लर्निंग लाइसेंस लिया है, उसका पर्मानेंट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। लाइसेंसिंग ऑफिसर को कार चलाकर दिखाना होगा। टेस्ट के लिए आपको आरटीओ ऑफिस की तरफ से गाड़ी मुहैया नहीं करवाई जाएगी। वाहन आपको अपने साथ लेकर जाना होगा।

डरें नहीं | Do not be scared

टेस्ट देते वक्त बिल्कुल भी डरे नहीं। आपसे भीड़भाड़ वाले रास्ते पर गाड़ी चलाने को नहीं कहा जाएगा। आपसे ट्रैफिक रूल्स से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। अगर आप फेल हो गए तो अगले पांच महीने आप लर्निंग लाइसेंस के लिए फिर से एप्लाई नहीं कर पाएंगे। दूसरा लर्निंग लाइसेंस आपको पहले के जारी होने के छह महीने बाद ही मिलेगा। पास हो जाने के बाद आपको पर्मानेंट लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। पर्मानेंट लाइसेंस पर आपके पुराने टू व्हीलर लाइसेंस का ही नंबर होगा। आपका टू व्हीलर लाइसेंस के साथ ही एलएमवी को भी जोड़ दिया जाएगा और आपको नया चिप लगा लाइसेंस मुहैया करवाया जाएगा। पर्मानेंट लाइसेंस आपके घर के पते पर स्पीड पोस्ट से भेजा जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए आपको अलग से फीस जमा करनी होगी। पते पर लाइसेंस इसलिए भेजा जाता है ताकि यह गलत व्यक्ति के हाथों में यह न पड़े।

पहचान पत्र के तौर पर मान्य है लाइसेंस | Licence is valid as a identity card

नया ड्राइविंग लाइसेंस बहुत उपयोगी है। अब आपको चिप लगा लाइसेंस मिलता है जिसमें पता, उम्र व नाम दर्ज होता है। कई विभागों में यह पहचान पत्र के तौर पर मान्य है। आप नए ड्राइविंग लाइसेंस को भारत में कहीं पर भी प्रमाण पत्र के तौर पर लगा सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से भी जोड़ा जाएगा। इसके बाद तो नियम को तोडऩे पर कड़ी सजा भी मिलेगी। लाइसेंस के आधार से जुड़ जाने के बाद आप छिपाकर नया लाइसेंस भी हासिल नहीं कर पाएंगे। आधार से लिंक हो जाने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सारी जानकारियां भारत सरकार के पास मौजूद होंगी। सरकार को यह तक पता होगा कि लाइसेंस का कब-कब चालान हुआ है या उक्त व्यक्ति ने कोई एक्सीडेंट तो नहीं किया है।

पूरे देश में चला सकते हैं कार | Car can run across the country

एलएमवी का पर्मानेंट ड्राइविंग लाइसेंस आपको राज्य सरकार की लाइसेंसिंग अथारिटी जारी करती है लेकिन इसकी मान्यता पूरे देश के लिए होती है। अपने प्रदेश में बना ड्राइविंग लाइसेंस लेकर आप पूरे देश में कहीं भी ड्राइविंग कर सकते हैं। अब तो एटीएम की तरह ही चिप लगे ड्राइविंग लाइसेंस बनने लगे हैं। चिप में आपका सारा डाटा दर्ज होता है। लाइसेंस में आपके जिले का नंबर लिखा होता है और फिर लाइसेंस का नंबर होता है। जैसे कि आप यूपी के रहने वाले हैं तो लाइसेंस के नंबर की शुरुआत यूपी से होगी। हरियाणा के हैं तो एचआर से। स्टेट कोड के पास आपके जिले का नंबर होता है। इससे पता चल जाता है कि लाइसेंस किस राज्य और किस जिले से जारी किया गया है। दूसरे राज्यों की पुलिस व लाइसेंसिंग अथारिटी भारत सरकार के पोर्टल से लाइसेंस धारक की पूरी डिटेल भी पता लगा सकती है।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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