Home / pan card / कंपनी के लिए पैन कार्ड | pan card for company in hindi

कंपनी के लिए पैन कार्ड | pan card for company in hindi

pan card
pan card

पैन कार्ड उन लोगों के लिए जरूरी है, जो भारत में रहकर टैक्स जमा कर रहे हैं। रिटर्न फाइल, टीडीएस और रिफंड हासिल करने के लिए भी पैन कार्ड जरूरी है। इसके अलावा उन लोगों के लिए भी पैन कार्ड जरूरी हैं, जो ट्रस्ट, एसोसिएशन, फर्म और कंपनी चला रहे हों। साथ ही वे किसी भी तरह का व्यापार कर रहे हों तो उन्हें पैन कार्ड रखना पड़ेगा।

बिना पैन कार्ड वे न तो टैक्स जमा कर सकते हैं और न ही रिटर्न फाइल करने के लिए योग्यता रखते हैं। जब से जीएसटी लागू हुआ है छोटे-बड़े सभी तरह के कारोबारियों के लिए भी पैन कार्ड अनिवार्य हो गया है। इस कड़ी में हम आपको बता रहे हैं कि कंपनी चलाने के लिए पैन कार्ड क्यों जरूरी है। साथ ही पैन कार्ड के लिए किस तरह आवेदन किया जा सकता है।

कंपनी के लिए पैन कार्ड जरूरी

भारत में हर उस आदमी के लिए पैन कार्ड जरूरी है, जो कंपनी या फर्म शुरू करना चाहते हैं। इसके अलावा एलएलसी, एलएलपी, पार्टनरशिप, ट्रस्ट, लिमिटेड कंपनी के लिए भी पैन कार्ड की जरूरत है। हम आपको बता रहे हैं कि फिलहाल किस-किस मामले में आपको पैन कार्ड की जरूरत पड़ेगी।

  • कारपोरेट
  • कंपनी
  • फर्म
  • एलएलसी
  • एलएलपी
  • पार्टनरशिप
  • सोल प्रापराइटर्स
  • ट्रस्ट
  • इनकारपोरेशन
  • लिमिटेड कंपनी
  • प्राइवेट फर्म
  • एसोसिएशन
  • फारेन इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स
  • हेज फंड

पैन कार्ड की जरूरत क्या हैं | what is requirement for pan card

  1. भारत सरकार ने उन सभी लोगों के लिए पैन कार्ड जरूरी कर दिया है, जो कंपनी चलाना चाहते हैं
  2. अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो सरकार आपसे तीस फीसदी तक टैक्स वसूल सकती है
  3. यह इसलिए भी जरूरी है कि पैन कार्ड के जरिए आयकर विभाग आपकी कंपनी की वित्तीय स्थिति के बारे में जान सकती है
  4. पैन कार्ड बनवाने से आपको फायदा ही है। इनवाय पेड, इनकम टैक्स रिटर्न में भी पैन कार्ड की मदद ली जा सकती है

कंपनी के लिए पैन कैसे पाएं | how to get pan card for company

  • पैन कार्ड बनवाने के लिए फार्म 49-ए डाउनलोड करना पड़ेगा
  • दिशा-निदेर्शों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और इसके बाद फार्म को फिलअप करें
  • फार्म को भरते समय सभी बातों का ध्यान दें
  • बैंक की सारी डिटेल्स फार्म पर लिखें
  • फार्म को एनएसडीएल और यूटीआईआईटीएसएल की वेबसाइट के जरिए भी भेजा जा सकताा है
    कंपनी के लिए जरूरी दस्तावेज
  • इनकारपोरेशन का सर्टिफिकेट
  • बिजनेस रजिस्ट्रेशन का सर्टिफिकेट
  • आर्टिकल ऑफ इनकारपोरेशन की कॉपी
  • एडरेस पू्रफ की कॉपी
  • फार्म को ब्लॉक लेटर अैर ब्लैक पेन से ही फिलअप करें
  • फार्म पर सिर्फ कंपनी के सीआईओ की ही साइन होनी चाहिए
  • एजेंट के जरिए भी पैन कार्ड के लिए अप्लाई किया जा सकता है
  • पैन कार्ड की फीस बैंक ड्राफ्ट, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग के जरिए भी जमा की जा सकती है।

फिलअप केवाईसी फार्म | fill up the kyc

जिस तरह साइबर क्राइम  बढ़ रहा है, उसे देखते हुए केवाईसी फार्म भरने में ही बेहतरी है। डिजिटल भारत में हर चीज आनलाइन होती जा रही है। सरकार भी ऑनलाइन लेनदेन की बात कर रही है। अगर आप आज भी मैनुअली सिस्टम पर भरोसा करते हैं तो कहीं-कहीं न आको पिछडऩा पड़ सकता है।

इसके अलावा अगर नेट बैंकिंग, नेफ्ट, ऑनलाइन पेमेंट, के्रडिट, डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए केवाईसी फार्म को भरना जरूरी है। केवाईसी भरने के बाद आप काफी हद तक महफूज हो जाते हैं। क्योंकि इसमें पैन और आधार नंबर मर्ज होता है। दोनोंं ही नंबर यूनिक होते हैं, जो एक ही आदमी को एलॉट किए जाते हैं।

ऐसा नहीं होता कि एक आधार नंबर दो लोग को एलॉट कर दिया जाए। इसलिए जब आप केवाईसी फार्म भर देते हैं तो ऑनलाइन लेनदेन पर आपके पैन नंबर को मैच कराया जाता है। मैच होने पर ही आगे की प्रक्रिया को हरी झंडी दी जाती है। इसलिए केवाईसी को जरूर पूरा करें। इसमें घबराने की जरूरत भी नहीं है।

रिर्टन भरने के लिए जरूरी | required for filling return

सरकार ने रिटर्न फाइल करने के लिए पैन कार्ड को जरूरी कर दिया है। अगर आपके पास पैन नंबर नहीं है तो आप रिटर्न फाइल नहीं कर सकते। इसी तरह रिफंड, टीडीएस और टैक्स जमा करने के लिए भी पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है। आयकर विभाग का मानना है कि पैन नंबर के साथ रिटर्न फाइल करना आसान हो जाता है।

इसके लिए अलावा अगर विभाग को किसी तरह की स्कू्रटनी की जरूरत पड़ी तो पैन नंबर के आधार पर करदाता का इतिहास खंगाला जा सकता है। करदाता किसी भी शहर या प्रदेश में रहकर टैक्स जमा करें, उनके बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। सिस्टम पर पैन नंबर डालते ही यह भी पता चल जाएगा कि करदाता किसी शहर से ताल्लुक रखते हैं और कहां टैक्स जमा कर रहे हैं।

स्थानीय एजेंसी से करें संपर्क | contact to local agency

पैन कार्ड बनवाना भी आसान हो गया है। आप कार्ड के लिए एनएसडीएल की वेबसाइट पर अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर कई एजेंसियों को यह काम सौंपा गया है, जो लोगों के लिए पैन कार्ड बनाने का काम कर रही हैं। करेक्शन के लिए भी इसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। आप डुप्लीकेट पैन कार्ड भी हासिल कर सकते हैं। अगर कार्ड खो गया है या फिर चारी हो गया तो स्थानीय एजेंसियों से संपर्क कर डुप्लीकेट कार्ड हासिल किया जा सकता है।

ऑनलाइन अप्लीकेशन | online application

एनएसडीएल एक वेबसाइट है। लोग इस वेबसाइट पर विजिट कर पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। नए कार्ड के लिए आवेदन करना हो, या फिर पहले बन चुके कार्ड में कुछ करेक्शन कराना हो, एनएसडीएल हर तरह से आपकी मदद करेगी। यह एक ऑफीशियल वेबसाइट है, जो आयकर विभाग की मदद भी करती है।

पैन कार्ड को और यूनिक बनाने के लिए ही आयकर विभाग ने आनलाइन सिस्टम डेवलप करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद सरकार ने इस वेबसाइट को बनाया है। खास बात यह है कि यह वेबसाइट आपको आनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से हेल्प करती है। यानी अगर आपको ऑफलाइन पैन कार्ड बनवाना है तो आप इस साइट पर विजिट कर फार्म डाउनलोड कर सकते हैं।

फिल करने के बाद फार्म को लोकल एजेंसी के आफिस में जमा कर दीजिए। इसके बाद पैन कार्ड कुछ दिनों के अंदर ही आपके घर पर पहुंच जाएगा। इसके अलावा टैक्स से जुड़ी जानकारियां और टिन को भी इसी वेबसाइट से हासिल किया जा सकता है।

फार्म 49-ए ही भरना पड़ेगा | will have to fill up the form 49-a

पैन कार्ड के लिए दो फार्म हैं। 49-ए और 49-एए। ये दोनों अलग-अलग टर्म एंड कंडीशन पर काम आते हैं। भारतीय लोगों को पैन कार्ड के लिए आवेदन करने पर फार्म 49-ए भरना होगा, जबकि जो विदेशी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं, उन्हें फार्म-एए भरना होगा। नए पैन कार्ड हो या फिर रीप्रिंट के लिए आवेदन करना हो, भारतीय लोगों को फार्म 49-ए ही भरना होगा। इसी फार्म का इस्तेमाल एनआरआई को भी करना होगा। यानी जो लोग मूल रूप से भारतीय हैं, लेकिन काम के सिलसिले में विदेशों में रह रहे हैं, उन्हें भी यही फार्म भरना पड़ेगा।

ऑफलाइन अप्लीकेशन | offline application

ऐसा नहीं है कि आपको ऑनलाइन पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। अगर आप ऑनलाइन फार्म नहीं भरना चाहते तो ऑफलाइन विकल्प भी आपके पास है। इसके लिए आपको एनएसडीएल और यूटीआईआईटीएसएल की वेबसाइट से फार्म डाउनलोड करना पड़ेगा। अगर फार्म के लिए आप एनएसडीएल और यूटीआईआईटीएसएल की वेबसाइट पर विजिट नहीं करना चाहते तो कोई बात नहीं है।

सरकार ने कई सारी एजेंसी को यह काम सौंप रखा है। आप उनके जिला स्तरीय कार्यालय पर पहुंचकर फार्म हासिल कर सकते हैं। ऑफलाइन फार्म भरने के बाद उसे वहीं पर जमा भी कर दें। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आपका पैन कार्ड पंद्रह दिन के अंदर घर के पते पर पहुंच जाएगा।

टीडीएस कटने पर क्या होगा | how will be affected on tds deduction

  1. अगर आपके पास टैन नंबर नहीं है और आपका टीडीएस कट गया है तो आप रिफंड के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं। रिफंड के लिए आवेदन करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए आपके पास टैन नंबर जरूय होना चाहिए।
  2. आप किसी का भी टैन चेक कर सकते हैं। खासकर उस व्यक्ति का जिसका डीडीएस कट गया है। इसमें पूरा नाम डालना पड़ेगा
  3. टैन नंबर के लिए आपको आयकर विभाग की आफीशियल वेबसाइट पर सर्च करना पड़ेगा। यहां आपको फार्म 49-बी भरना होगा। एनएसडीएल की वेबसाइट पर भी विजिट कर आप टैन नंबर के लिए आवेदन कर सकते हैं
  4. टैन नंबर हासिल करने के लिए आपको सिर्फ 62 रुपये का भुगतान करना होगा

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

Check Also

पैन कार्ड : विदेशी नागरिकों के लिए जरूरी दस्तावेज | pan card : required documents for foreigners in hindi

पैन कार्ड बनवाना बिल्कुल आसान है। इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनपर अमल …