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दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना । chattisgarh divayang education protsahan yojana in Hindi

सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रही है। सरकार की ओर से सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा के प्रोत्साहित तो किया जा ही रहा है, प्रदेश के दिव्यांग बच्चों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की गई है।

इस योजना के तहत जहां दिव्यांग बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी, वहीं सिविल परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिव्यांग अभ्यर्थियों को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना क्या है और आप इस योजना से किस तरह फायदा उठा सकते हैं।

दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत मिलेगी मुफ्त शिक्षा

  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 18 साल तक के बच्चों को सरकार की तरफ से मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत दिव्यांग छात्रों के साथ ही दिव्यांग छात्राओं को भी लाभाविंत किया जाएगा।
  • दसवीं कक्षा में सबसे ज्यादा अंक पाने वाले दिव्यांग छात्र और छात्रा को सरकार की तरफ से दो हजार रुपये दिए जाएंगे।
  • इसी तरह इस योजना के तहत 12वीं की परीक्षा में सबसे ज्यादा अंक पाने वाले दिव्यांग छात्र और छात्रा को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।

मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था

  1. योजना की खास बात यह है कि दिव्यांग छात्र और छात्राओं को सिविल सेवा परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
  2. आईटीआई, वाणिज्य और कला के क्षेत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाले दिव्यांग छात्रों को सरकार की तरफ से हर साल छह हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे।
  3. इसी तरह इस योजना के तहत चिकित्सा, तकनीकी और व्यवसायिक पाठ्यक्रम के लिए दिव्यांग छात्रों और छात्राओं को सरकार की तरफ से हर साल बारह हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे।

योजना के लिए पात्रता

  • छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से शुरू की गई दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना का लाभ वही लोग हासिल कर सकते हैं, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।
  • दूसरे प्रदेश के निवासी इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए जीओ जारी कर दिया है।
  • छात्रों को योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी है के उनके अभिभावक आयकर अदा करने की श्रेणी में नहीं आते हों।
  • छात्रों को इसके लिए एक हलफनाम बनवाना होगा। हलफनामा में दर्ज होगा कि अभिभावक आयकर की श्रेणी में नहीं आते हैं।
  • छात्र-छात्राओं के पास जाति प्रमाणपत्र भी होना चाहिए। अगर किसी ने अब तक जाति प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है तो वे इसके लिए आवेदन कर दें।

जरूरी दस्तावेज

  1. स्नातक स्तर की पढ़ाई के पत्रांक
  2. आय प्रमाणपत्र
  3. जाति प्रमाणपत्र
  4. मूल निवासी प्रमाणपत्र
  5. पासपोर्ट साइज फोटो

योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन

  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
  • अगर आप इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको सरकार की अफीशियल वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • अफीशियल वेबसाइट पर विजिट करने के बाद आपको इस योजना से जुड़ा लिंक दिख जाएगा, जिसपर क्लिक करना होगा।
  • इस लिंक को ओपन करने के बाद आपको इस योजना एक एप्लीकेशन फार्म भी दिख जाएगा, जिसपर क्लिक करना होगा।
  • फार्म को पढ़ने के बाद आपसे योजना से जुड़ी, जो भी जानकारी मांगी जा रही है, उसे फार्म पर दर्ज करें।
  • फार्म पर जो भी कॉलम दिखाई पड़े, उसी सही-सही भरें। गड़बड़ी होने पर फार्म सबमिट नहीं होगा।
  • सभी कॉलम ठीक तरह से भरने के बाद आपको सबमिट का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा, जिसपर क्लिक करना होगा।
  • सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करते ही फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आप इसका प्रिंटआउट अपने पास रख सकते हैं।

योजना का उद्देश्य

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के कई मकसद हैं। अव्वल यह कि इस योजना के तहत उन छात्रों को फ्री कोचिंग सेवा मुहैया कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस योजना के तहत ऐसे छात्र-छात्राओं को उन कोचिंग तक पहुंचाना है, जिनका रिजल्ट बहुत अच्छा रहा है। इसके अलावा इस योजना की एक और खास बात यह है कि सिविल सेवा परीक्षा में जो छात्र या छात्राएं कामयाबी हासिल करेंगी, उन्हें सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसकी वजह से दूसरे तमाम छात्रों का हौसला बढ़ेगा।

दिव्यांग छात्र-छात्राओं का बढ़ेगा हौसला

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से शुरू की गई दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना की वजह से राज्य में शिक्षा का माहौल बेहतर होगा। सरकारी नुमाइंदों के मुताबिक सरकार जहां एक तरफ नौनिहालों को वजीफा प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को फ्री कोचिंग सुविधा प्रदान कर रही है। सरकार का मकसद भी यही है कि कोई भी शिक्षा के अधिकार से वंचित न हो सके। सरकार का यह भी मानना है कि पीसीएस परीक्षा में जो भी दिव्यांग अभ्यर्थी पास होंगे, वे आगे चलकर प्रदेश की सेवा ही करेंगे। इससे शासन को भी मदद मिलेगी।

About Mohd. razi

हिंदी पत्रकारिता में 14 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में काफी वक्त दिया।

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