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उत्तराखंड रहबर योजना । Uttarakhand rahbar yojana in Hindi

उत्तराखंड सरकार सभी वर्ग के विकास के लिए गंभीर है। सरकार की ओर से जहां छात्रों के लिए वजीफा योजना शुरू की गई है, वहीं कारोबार के लिए लोगों को ऋण भी दिया जा रहा है। खास बात यह है कि अल्पसंख्यम समाज की महिलाओं का ख्याल भी रखा जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से रहबर प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है।

इस योजना के तहत अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं को तमात तरह का प्रशिक्षण तो दिया जा ही रहा है, उन्हें कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि इस योजना में क्या है और आप इससे किस तरह फायदा हासिल कर सकते हैं।

उत्तराखंड रहबर योजना का फायदा

उत्तराखंड सरकार की ओर से शुरू की गई रहबर योजना के तहत अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें सिलाई से लेकर कढ़ाई और बुनाई तक में निपुण बनाया जा रहा है, ताकि उनके सामने किसी भी स्थिति में रोजगार की समस्या खड़ी न हो सके। यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में रहने वाली महिलाओं के लिए है। सभी कोर्स छह-छह महीने के होंगे। उन्हें प्रशिक्षण देने के साथ ही कारोबार की ग्रोथ के बारे में भी बताया जाएगा। महिलाओं को समझाया जाएगा कि किस कारोबार में कितना ग्रोथ है और कौन सा कारोबार करने पर मुनाफ बेहद कम है।

कौन-कौन से कोर्स शामिल हैं

उत्तराखंड सरकार की ओर से शुरू की गई रहबर योजना के तहत कोर्स का चयन भी कर लिया गया है। इसमें सिलाई, बुनाइ्र, कढ़ाई, बुटीक, टायज मेकिंग, पेंटिंग, धूप बत्ती, अगर बत्ती, डिटरजेंट पाउडर के बारे में बताया जाएगा। सभी कोर्स छह-छह महीने की अवधि में पूरे किए जाएंगे। खास बात यह है कि इसमें कक्षा आठ पास छात्राओं के साथ ही हाईस्कूल पास अल्पसंख्यक महिलाएं भी हिस्सा ले सकती हैं। ट्रेनिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यानी प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क होगा। इस दौरान हर महीने परीक्षा ली जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

योजना के लिए पात्रता

  • रहबर योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा, जो मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी होंगे। किसी दूसरे प्रदेश के निवासियों को इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
  • इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो अल्पसंख्यक समाज से जुड़ी होंगी। दूसरे समाज महिलाओं को इसका फायदा नहीं मिलेगा।
  • योजना का फायदा बीपीएल और एपीएल दोनों कार्ड धारकों की सूची में शामिल परिवार को मिलेगा। इसके लिए आय का कोई पैमाना तय नहीं किया गया है।
  • लाभार्थी का चयन जिला स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए चयन समिति का गठन किया गया है। महिलाओं को साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

योजना के लिए दस्तावेज

  • उत्तराखंड में जो भी लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उनके पास वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए।
  • अगर किसी कारणवश उनके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो वे आधार कार्ड की कॉपी भी लगा सकते हैं।
  • पासपोर्ट साइज की फोटो भी फार्म के साथ अटैच करना होगा। अगर बीपीएल और एपीएल कार्ड हो तो उसकी कॉपी भी फार्म के साथ अटैच कर सकते हैं।
  • इसी तरह इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मूल निवास प्रमाणपत्र भी फार्म के साथ अटैच करना होगा।

ऑनलाइन आवेदन करें

  • उत्तराखंड सरकार की ओर से शुरू की गई इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
  • अगर आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको सरकार की अफीशियल वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
  • इस वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद आपको इसके होम पेज पर योजना का लिंक दिख जाएगा। इस पर क्लिक करना होगा। यहां नई विंडो ओपन हो जाएगी।
  • फार्म को पढ़ने के बाद आपसे इस योजना से जुड़ी जो भी जानकारी मांगी जा रही है, उसे फार्म पर दर्ज करें।
  • फार्म पर योजना से जुड़े जो भी कॉलम दिखाई पड़े, उसे सही-सही भरें। गड़बड़ी होने पर फार्म सबमिट नहीं होगा।
  • सभी कॉलम ठीक तरह से भरने के बाद आपको सबमिट का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा, जिसपर क्लिक करना होगा।
  • सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक करते ही फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आप इसका प्रिंट आउट भी अपने पास रख सकते हैं।

ऑफलाइन आवेदन भी

  • उत्तराखंड सरकार की ओर से शुरू की गई रहबर प्रशिक्षण योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
  • अगर आप ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ विकास निगम के कार्यालय पहुंचना होगा।
  • यहां आपको प्रशिक्षण योजना का फार्म मिल जाएगा। फार्म के सभी कॉलम को सही-सही भरें। उसपर जरूरी दस्तावेज अटैच करें।
  • फार्म पर अपनी पासपोर्ट साइज फोटो भी अटैच करें। इसके बाद फार्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें। प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

About Mohd. razi

हिंदी पत्रकारिता में 14 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में काफी वक्त दिया।

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