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उत्तर प्रदेश गेहूं खरीद योजना । Up gehun khareed yojana in hindi

किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद योजना 2019-20 की घोषणा कर दी है। एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद योजना के लिए किसानों को प्रति कुंतल 1840 रुपये का भुगतान किया जाएगा। समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद की गई है। उन्होंने कई अनाज के समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की थी ताकि किसानों को घाटा न हो।

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समर्थन मूल्य की घोषणाएं सरकारें हर बार करती हैं लेकिन इसमें 50 प्रतशित तक की वृद्धि पहली बार की गई है। अब तक होता यह था कि समर्थन मूल्य कम होने और खरीद में भ्रष्टाचार के कारण किसान का गेहूं मंडियों तक पहुंच ही नहीं पाता था। जितना दाम मिलता था, उससे कहीं ज्यादा भाड़े में ही किसानों का खर्च हो जाता था। अबकी समर्थन मूल्य वृद्धि में इस बात का भी ध्यान रखा गया है। इसके अलावा ढुलाई, छनाई, उतराई व सफाई के लिए किसानों को 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिए जाएंगे।

जब गेहूं मंडियों तक नहीं पहुंच पाता था तो किसानों को मजबूरी में बिचौलियों को इसे बेचना पड़ता था। बिचौलिए औने-पौने दाम में तो गेहूं खरीद लेते हैं लेकिन बाजार में इसे बेचते ऊंची कीमत पर हैं। इससे लोगों को तो महंगा गेहूं खरीदना पड़ता था लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाता था। सारा मुनाफा बिचौलियों की जेब में चला जाता था जिनका कृषि के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं है।

इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने बिचौलियों को गेहूं खरीद से दूर रखने के प्रबंध कर दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं सीधे किसानों से ही खरीदा जाए। किसी भी कीमत पर उनका हक न मारा जाए। बिचौलिए गेहूं तो नहीं बेच रहे, इसकी जांच करने के लिए अधिकारियों से कहा गया है। इस वर्ष गेहूं की खरीद कैसे होगी, इसके बारे में विस्तार से जान लीजिए। सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था कर दी है। ताकि बीच में कोई घालमेल न होने पाए।

किसानों से होगी खरीद

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गेहूं किसानों से ही खरीदा जाए। खरीद से पहले इस बात की तस्दीक कर ली जाए कि गेहूं बेचने वाला किसान है या बिचौलिया। मंडियों के आसपास भी बिचौलिए जमा न होने पाएं, इसके भी प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। तौल के साथ ही किसानों को पर्ची दे दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित 1840 रुपये प्रति कुंतल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा। खरीद की कोई सीमा नहीं है। किसान अपनी पूरी उपज सरकार को बेच सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण की भी सुविधा

  1. उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों से गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था कर दी है। किसान www.fcs.up.gov.in  ऑफीशियल वेबसाइट पर एक अप्रैल से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद उनको ऑनलाइन ही खरीद की तारीख एलॉट कर दी जाएगी। किसानों को गेहूं के साथ तय तिथि पर उपस्थित होना है। वहां पर उनके गेहूं की तौल होगी और पर्ची दे दी जाएगी। सरकार ने किसानों से शत प्रतिशत गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। गेहूं खरीद का भुगतान तय अविध के भीतर किसानों के बैंक अकाउंट में कर दिया जाएगा।
  2. जिन किसानों को इंटरनेट का इस्तेमाल करना नहीं आता है वे इस काम में जन सविधा केंद्र या साइबर कैफे की मदद ले सकते हैं। जन सुविधा केंद्रों को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं कि किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। यही काम प्राइवेट साइबर कैफे भी करेंगे। सभी से न्यूनतम शुल्क लेने के लिए ही कहा गया है।
  3. जिन किसानों ने वर्ष 2018-19 में धान खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, उनको गेहूं खरीद के लिए अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। उनको पंजीकरण प्रपत्र में यथावश्यक संशोधन करते हुए कुल रकबे में अपने हिस्से एवं अपने हिस्से में बोए गए गेहूं के रकबे की घोषणा करते हुए पंजीकरण प्रपत्र को लॉक करना होगा। सरकार ने किसानों से अनुरोध किया है कि अगर वे बिचौलियों से बचना चाहते हैं तो ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य कराएं।

इन प्रमाण पत्रों को साथ लाएं

किसानों को गेहूं बिक्री के लिए अपने साथ कुछ दस्तावेजों को भी लाना होगा। उनको गेहूं विक्रय के समय पंजीयन प्रपत्र के साथ कम्प्यूटराइज्ड खतौनी, फोटो युक्त पहचान जैसे आधार कार्ड, बैंक के पास बुक के पहले पन्ने की फोटो कॉपी को लगाना होगा। आधार कार्ड सबसे अधिक जरूरी है। अगर अभी तक आधार कार्ड नहीं बनाया है तो तत्काल इसके लिए अप्लाई करें।

खरीद की अवधि

उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019-20 के लिए गेहूं खरीद का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी जो 15 जून तक चलेगी। गेहूं की खरीद निर्धारित तारीख पर सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक होगी। किसानों को गेहूं की उतराई, छनाई व सफाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।

दिक्कत होने पर इस नंबर पर करें फोन

अगर किसानों को गेहूं बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत पेश आती है तो वे इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 18001800150 पर कर सकते हैं। इसके आलवा वे लखनऊ स्थित खाद्य नियंत्रण कक्ष में 0522-2288906 नंबर पर भी फोन कर सकते हैं। किसान संबंधित जिले के जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और ब्लॉक के विपणन निरीक्षण से भी शिकायत कर सकते हैं।

गुणविनिर्दिष्टियां अधिकतम प्रतिशत में

  • विजातीय तत्व – 0.75
  • अन्य खाद्यान्न – 2.00
  • क्षतिग्रस्त दाने – 2.00
  • किंचित क्षतिग्रस्त दाने – 4.00
  • सिकुड़े एवं टूटे दाने – 6.00
  • नमी – 12.00

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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