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विकलांग पेंशन योजना । Viklang pension yojana in Hindi

कोई भी प्रदेश उस वक्त तक तरक्की के रास्ते पर नहीं चल सकता, जब तक समाज के हर वर्ग को मुख्य धारा से न जोड़ लिया जाए। व्यक्ति का विकास… परिवार का विकास है, परिवार का विकास… प्रदेश का विकास है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने विकलांग पेंशन योजना की शुरुआत की है।

इस योजना का मकसद जहां दिव्यांगों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, वहीं उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ना भी है। जानकारों के मुताबिक यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर समाज, वर्ग और व्यक्ति के बारे में कार्य करे। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि विकलांग पेशन योजना कब शुरू की गई और आप इस योजना से किस तरह फायदा उठा सकते हैं।

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यूपी के लिए है यह योजना

विकलांग कल्याण योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लिए है। यानी इस योजना का फायदा वही लोग उठा सकते हैं, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं। दूसरे प्रदेशों के लोग यूपी में इस योजना का फायदा नहीं उठा सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए बाकायदा गाइडलाइन जारी की है। संबंधित विभागों को भेजे गए सर्कुलर में साफ कर दिया कि इस योजना के तहत लाभ लेने वालों की सूची तैयार की जाए। साथ ही यह भी ख्याल रखा जाए कि लाभार्थी उत्तर प्रदेश के ही होने चाहिए।

योजना की खास बातें

  • इस योजना के तहत मिलने वाली पेंशन सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी।
  • विकलांग पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए लोग ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
  • उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ही इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • यूपी सरकार इस योजना के तहत लाभार्थी को 500 रुपये की वित्तीय सहायता देगी।
  • योजना के तहत वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जो 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांग हैं।
  • उत्तर प्रदेश सरकार ने विकलांग पेंशन योजना को 2016 में शुरू किया था।

कौन कर सकते हैं आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विकलांग पेंशन योजना के तहत वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा है। व्यक्ति की विकलांग्रस्ता भी 40 फीसदी से ज्यादा होनी चाहिए। योजना के तहत आवेदन करने के लिए बीपीएल कार्ड धारक होना जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जिनकी सालाना आय 46080 हो।

शहरी इलाकों में रहने वाले वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जिनकी सालाना आय 56460 हो। इसके अलावा जो लोग भी इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें किसी दूसरी योजना के तहत किसी भी तरह की पेंशन न मिल रही हो। आवेदकों के पत्रों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।

क्या दस्तावेज लगेंगे

  1. जन्म प्रमाणपत्र
  2. राशन कार्ड
  3. आधार कार्ड
  4. बैंक पासबुक
  5. परिवार का आय प्रमाणपत्र
  6. विकलांगता का प्रमाणपत्र
  7. पासपोर्ट साइज फोटो ग्राफ

ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विकलांग पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले योजना की अधिकृत वेबसाइट पर विजिट करना होगा। वेबसाइट खुलने के बाद आपको विकलांग जन पेंशन या हैंडीकैप पेंशन का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा, जिसपर क्लिक करना होगा।

इसके बाद यहां अप्लाई नाव का आप्शन दिखेगा, जिसपर क्लिक कर दीजिए। इसके बाद न्यू इंट्री का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा, जिसपर क्लिक करना होगा। इसके बाद पेज पर फार्म दिख जाएगा। फार्म पर जो भी लिखने को कहा गया है, सारी जानकारी दर्ज करें।

कॉलम को भरें

इसके बाद बैंक विवरण का कॉलम दिखाई पड़ेगा। इस कॉलम को भी भरना होगा। इसी तरह एक कॉलम आय विवरण का होगा, जिसे भी भरना होगा। इसी तरह विकलांगता का विवरण होगा, जिसे भी भरना होगा। सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद सेव ऑप्शन पर क्लिक कर दीजिए। इसके बाद आपको अपना पंजीकृत नंबर दिखाई पड़ेगा,  जिसे आप अपने पास लिखकर रख सकते हैं। इसक बाद फाइनल सबमिट का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा, जिसपर क्लिक कर दीजिए। इस तरह आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

विकलांगता की होगी जांच

आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फार्म संबंधित विभागों के पास जमा हो जाएगा। सभी दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों की जांच के बाद समाज कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी या फिर विकलांग कल्याण अधिकारी द्वारा आवेदकों को संबंधित विभाग के कार्यालय में बुलाया जाएगा। इसके बाद विकलांगता की जांच होगी।

जांच के बाद आवेदक को एक रसीद दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में एक महीने का वक्त लग सकता है। कभी-कभी एक महीने से ज्यादा भी लग सकता है। आवेदकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। ज्यादा समय लगने पर आवेदक संबंधित विभाग के कार्यालय पर जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।

विकास भवन में हैं कार्यालय

आमतौर पर हर जिले में एक विकास भवन होता है। विकास भवन के अदंर ही समाज कल्याण विभाग, प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, विकलांग समाज कल्याण विभाग के कार्यालय होते हैं। इन कार्यालयों में पहुंचकर लोग अपने आवेदन से जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

इसके अलावा यहां अगर जानकारी उपलब्ध कराने में बाध्यता जाहिर की जा रही है। या फिर आप को लग रहा है कि कर्मचारी जानबूझ कर देरी कर रहे हैं तो इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की जा सकती है। जिलाधिकारी शहर में मौजूद न हों, तो विकास भवन में ही सीडीओ बैठते हैं। उनसे भी शिकायत की जा सकती है। शासन को भी पत्र भेजा जा सकता है।

ज्यादा से ज्यादा लोग उठाएं फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विकलांग पेंशन योजना का फायदा ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग उठा सकते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाना ही है। इसीलिए शासन की ओर से भेजे गए सर्कुलर में साफ कर दिया गया है कि दिव्यांगों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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