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अगर वोटर आईडी कार्ड गुम हो जाए | If voter ID card lost in hindi

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अपने देश में लोग कीमती सामान की बड़ा सहेजकर रखते हैं लेकिन जो चीज मुफ्त में मिलती है, उसकी कोई कद्र नहीं करते। इस बात को हम आपको उदाहरण देकर समझाते हैं। मोबाइल को आप महंगे कवर में रखते हैं, कार को रोज साफ करते हैं और लेकिन जो वोटर आईडी कार्ड को संभाल कर नहीं रखते। आपमें से कई लोगों का वोटर आईडी कार्ड गुम भी हो गया होगा।

अगर आपका वोटर आईडी कार्ड गुम हो जाए तो आप क्या करेंगे? शायद आपके पास इसका जवाब नहीं होगा। आपको आज हम बताएंगे कि अगर आपका वोटर आईडी कार्ड गुम हो या है फट गया है तो आप इसका डुप्लीकेट कैसे बनवाएं।

वोटर आईडी कार्ड गुम होने के खतरे

अगर वोटर आईडी कार्ड खो गया है तो आपको चिंतित होना चाहिए। आपके वोटर आईडी कार्ड से छेड़छाड़ कोई इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। आपके वोटर आईडी की फोटो पर दूसरे की फोटो लगाकर डुप्लीकेट सिम हासिल करने से लेकर कई और काम भी करवाए जा सकते हैं।

वोटर आईडी कार्ड को केंद्र व प्रदेश की सरकारों ने पते व पहचान के प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता दे रखी है। हो सकता है कि जिसके हाथ आपका वोटर आईडी कार्ड लग जाए, वह इसका दुरुपयोग कर ले और आप मुसीबत में पड़ जाएं। हालांकि जब इस मामले की जांच होगी तो आपको राहत मिल सकती है।

जब फोटो का मिलान होगा तो पता चल जाएगा कि वोटर आईडी कार्ड से छेड़छाड़ की गई है। इस बात को अच्छी तरह से जान लें कि आपका वोटर आईडी कार्ड खो गया है तो आपके पास इसका सुबूत होना चाहिए। कार्ड खोने का सुबूत आपको कैसे मिलेगा, इसके बारे में आपको आगे बताते हैं।

दर्ज कराएं एफआईआर

अगर आपका वोटर आईडी कार्ड गुम हो गया है तो सबसे पहले अपने एरिया के थाने में जाएं। आप एक एप्लीकेशन थानेदार के नाम से लिखें और इसमें जानकारी दें कि आपका वोटर आईडी कार्ड खो या चोरी हो गया है। आईडी का नंबर इसमें लिखा होना चाहिए। आपकी एप्लीकेशन के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। वैसे पुलिस की आदतों से तो हर कोई वाकिफ है।

हो सकता है कि पुलिस एफआईआर दर्ज करने को राजी ही न हो। ऐसे में आप एप्लीकेशन की फोटो स्टेट साथ लेकर जाएं। थाने पर फोटो स्टेट पर मोहर लगवाकर इसकी रिसीविंग भी ले लें। ध्यान रखें कि एप्लीकेशन पर कार्ड के खो जाने की तारीख लिखी हो। रिसीविंग पर थाने के मुंशी से मोहर तो लगवाएं ही, उसके सिग्ग्रेचर के साथ ही तारीख भी लिखवा लें।

इसका फायदा यह होगा कि अगर कोई वोटर आईडी कार्ड का गलत इस्तेमाल कर भी लेता है तो आप नहीं फंसेंगे। एफआईआर इस बात का सुबूत होगा कि आप अपना वोटर आईडी कार्ड खो चुके हैं।

भरना होगा फार्म

डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड को हासिल करने के लिए आपको फिर से फार्म भरना होगा। आप फार्म को राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल की वेबसाइट से डाउनालेड कर सकते हैं। अगर इंटरनेट यूज करना आपको नहीं आता है तो जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जाएं। वहां पर चुनाव सेल का ऑफिस आपको मिलेगा। इस सेल से आपको डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड हासिल करने के लिए भरा जाने वाला फार्म मिल जाएगा।

इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास वोटर आईडी का नंबर या इसकी फोटो स्टेट होनी चाहिए। फार्म पर आपको नाम, पता, मोबाइल नंबर व ईमेल एड्रेस के साथ ही वोटर आईडी नंबर भी डालना होगा। फार्म में आपको क्रमांक व भाग संख्या भी भरना होगा। यह जानकारी आप तभी भर सकते हैं जब आपके पास वोटर आईडी कार्ड से जुड़ी सारी डिटेल होंगी।

आधार कार्ड भी लगाएं

फार्म को भर लेने के बाद एक बार इसको अच्छी तरह से चेक कर लें। अगर कोई भी गलती हुई तो चुनाव आयोग के कारिंदे फार्म को रिजेक्ट करने में एक सेकेंड का वक्त भी नहीं लगाएंगे। फार्म भर देने के बाद अपनी नवीनतम रंगीन फोटो, आधार कार्ड व एफआईआर की फोटो स्टेट भी लगाएं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अब वोटर आईडी कार्ड को भी आधार से लिंक किया जाएगा।

आधार कार्ड लगा होगा तो आपका फार्म लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरने से बच जाएगा। आधार से डुप्लीकेट आईडी प्राप्त करने के फार्म का वेरीफिकेशन हो जाएगा और कुछ ही दिन के भीतर ही वोटर आईडी आपके घर के पते पर बीएलओ पहुंचा देगा। एक बात तो आपको बताना हम भूल ही गए। फार्म जमा करने के बाद आप इसकी रिसीविंग स्लिप लेना न भूलें। इस स्लिप पर आपको नंबर भी मिलेगा। यह नंबर डुप्लीकेट कार्ड के बन जाने तक आपके बहुत काम आएगा।

ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं

डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड बन गया कि नहीं, यह पता लगाना भी बहुत आसान है। इसके लिए आपको थोड़ा टेक सेवी होगा पड़ेगा। आपको चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ट्रैक कार्ड ऑप्शन को क्लिक करना होगा। आप जैसे ही इसको क्लिक करेंगे, आपसे रिसीविंग स्लिप का नंबर मांगा जाएगा।

अब आपको समझ में आ गया होगा कि हमने क्यों कहा था कि रिसीविंग स्लिप को अपने पास सुरक्षित रखें। जैसे ही आप स्लिप में दिए नंबर को फीड कर सबमिट का बटन क्लिक करेंगे, आपको स्टेटस पता चल जाएगा। यह भी पता चल जाएगा कि डुप्लीकेट कार्ड आपके पते पर कितने दिन के भीतर पहुंच जाएगा।

ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन

अब आप टेक सेवी हैं तो डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। आप चुनाव आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। वहां पर आपको डुप्लीकेट वोटर आईडी प्राप्त करने का ऑप्शन नजर आएगा। इसको क्लिक करते ही डुप्लीकेट आईडी प्राप्त करने के लिए जरूरी फार्म ईपीआईसी 002 ओपन हो जाएगा। फार्म में सारी डिटेल को सावधानी के साथ भर दें।

इसके साथ आपको आधार कार्ड के साथ ही अपनी नवीनतम रंगीन फोटो भी अपलोड करनी होगी। जैसे ही फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी हो जाए सबमिट का बटन दबा दें। आपके कंप्यूटर के स्क्रीन पर सक्सेस फुल सबमिशन का मैसेज लिखकर आ जाएगा। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी पर भी मैसेज आ जाएगा।

अगर फार्म भरते वक्त आपने कोई गलती की होगी तो रिट्राई लिखकर आएगा। रिट्राई लिखकर आने के बाद आप फार्म को फिर से चेक करें। हो सकता है कि कोई कॉलम भरना आप भूल गए हों। फार्म एक्सेप्ट हो जाने के बाद इसकी पीडीएफ फाइल बनाएं और प्रिंट निकाल लें। प्रिंट के साथ आधार कार्ड, फोटो व एफआईआर की एक कॉपी को संलग्र करें। इसको स्थानीय जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दें। वहां से रिसीविंग स्लिप भी ले लें।

जल्दी हो जाता है काम

ऑनलाइन फार्म भरने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि महीनों का काम हफ्ते भर में हो जाता है। निर्वाचन ऑफिस में फार्मों के ढेर में आपका फार्म खोएगा नहीं। ऑफलाइन फार्म जमा करने पर इसके खो जाने का बहाना बनाया जा सकता है कि लेकिन ऑनलाइन के साथ ऐसा नहीं है।

एक बार फार्म भर गया तो यह संबंधित क्लर्क के पास पहुंच जाएगा। अब वह इसको ज्यादा दिन तक लटकाए नहीं रख सकता है। उसे इसको निस्तारित करना ही होगा। क्लर्क इसको जल्द जल्द इसलिए निस्तारित करेगा क्योंकि उसको भी जवाब देना पड़ता है कि उसके पास कितने फार्म अभी पेंडिंग हैं। पेंडिंग ज्यादा होने पर उस पर कार्रवाई भी हो सकती है। डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड जारी करने के पहले बीएलओ जांच के लिए आपके घर सत्यापन के लिए आएगा। वह आपसे आधार कार्ड की ओरिजनल कॉपी मांगेगा।

ऑफिस में करें कांटेक्ट

वैसे तो डुप्लीकेट वोटर आईडी को जारी करने में एक महीने से कम का वक्त लगता है लेकिन सरकारी काम तो सरकारी की तरह ही होता है। हो सकता है कि आपके पास तय अवधि में वोटर आईडी कार्ड न पहुंचे। ऐसी दशा में आप ऑनलाइन स्टेटस पता लगा सकते हैं। अगर वहां से भी कोई खास जानकारी न मिले तो आपको जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का एक चक्कर लगाना पड़ सकता है।

आप चुनाव सेल में जाएं और रिसीविंग स्लिप को दिखाकर पूछ सकते हैं कि आपका कार्ड अब तक घर पर क्यों नहीं पहुंचा है। चुनाव सेल के कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे पता लगाएं कि कार्ड इस वक्त कहां अटका हुआ है। अगर इसे बीएलओ को दिया जा चुका है तो यह भी आपको पता चल जाएगा।

आप सेल से ही बीएलओ का मोबाइल नंबर लेकर उसे फोन करके कार्ड के बारे में पता कर सकते हैं। अगर बीएलओ टालमटोल करता है तो आप इसकी लिखित शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में कर दें। आपको बता दें कि जिलाधिकारी ही जिला निर्वाचन अधिकारी होता है।

मोबाइल में रखें फोटो

जब डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड आपके पास पहुंच जाए तो इसको सहेजकर रखें। आप इसकी फोटो अपने मोबाइल या लैपटॉप की हार्ड डिस्क में सेव करके रखें। अगर वोटर आईडी कार्ड खो गया होगा तो आपके पास इसका नंबर जरूर रहेगा। इसी नंबर के आधार पर आप फिर से एफआईआर दर्ज करवाके डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड बनवा सकते हैं।

जब तक डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड नहीं मिल जाता, आप फोटो का प्रिंट निकालकर काम चला सकते हैं। वोटर आईडी कार्ड पते व पहचान के प्रमाण पत्र के तौर पर अब भी कई विभागों में मान्य है। अधिकांश जगहों पर आधार कार्ड मांगा जाता है लेकिन यदि वोटर आईडी कार्ड भी अटैच करते हैं तो काम हो जाएगा।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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