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मेघालय में ऐसे बनवाएं वोटर आईडी कार्ड | How to apply for voter id card in Meghalaya in hindi

meghalaya portalउत्तर पूर्व हमेशा से उथलपुथल देखता आया है। नागालैंड और मणिपुर से अक्सर अलगाव की आवाज उठती हैं लेकिन उत्तर पूर्व में ही एक राज्य मेघायल है जो शांति के साथ आगे बढ़ रहा है। कभी असम का हिस्सा रहा मेघालय 1972 में अस्तित्व में आया। अगर आप मेघालय के निवासी हैं और 18 साल के हो चुके हैं तो देर किस बात की है। फटाफट वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा कर वोटर आईडी कार्ड बनवा लें।

वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए यहां भी दो प्रक्रियाएं हैं। ऑनलाइन व ऑफलाइन। ऑनलाइन ऑप्शन चुनने पर राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल व मेघायल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट आपकी मदद करेगी। यदि आप ऑफलाइन ऑप्शन चुनते हैं तो आपको खुद ही फार्म लाना होगा और इसे भरकर अपने जिले के निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। आपको फार्म भरने के दोनों तरीकों के बारे में हम आगे बताएंगे। उसके पहले आप उन फार्मों के बारे में जान लीजिए जिनकी जरूरत वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने से लेकर संशोधन तक में पड़ती है।

मेघालय में वोटर आईडी कार्ड बनवाने के फार्म

भारत के चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने से लेकर संशोधन तक के लिए कई फार्म जारी किए हैं लेकिन लोगों को विशेष रूप से 5 फार्मों की जरूरत पड़ती है। नाम जुड़वाने के लिए अलग फार्म है तो गलतियों में सुधार के लिए दूसरा। अगर पता बदलवना हो तो भी फार्म आपको मिल जाएगा। कौन सा फार्म किस काम आता है, इसके बारे में भी जान लीजिए।

फार्म नंबर 4

वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए जो लोग ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, उनको इस फार्म की जरूरत पड़ेगी। यह फार्म ऑनलाइन ही भरा जाएगा। इस फार्म को भरने के बाद आप राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल यानि एनएवीपी पर रजिस्टर हो जाएंगे। इसके बाद ही आप फार्म भरने की प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही आप ऑनलाइन अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।

फार्म नंबर 6

यह फार्म नए मतदाताओं के लिए है। जिनकी उम्र 18 साल हो गई है और अब तक उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है तो वे इस फार्म का उपयोग करें। फार्म के साथ लोगों को पता, पहचान व उम्र के प्रमाण पत्रों के साथ अपनी नवीनत रंगीन फोटो भी लगानी होगी।

फार्म नंबर 7

यह फार्म थोड़ा टेक्निकल है। अगर किसी को अपना नाम वोटर लिस्ट से कटवाना हो, आईडी कार्ड निरस्त करवाना हो या किसी तरह की आपत्ति दर्ज करवानी है तो इसका प्रयोग करें।

फार्म नंबर 8

इस फार्म की जरूरत अक्सर मतदाताओं को पड़ती है। आपने देखा होगा कि अक्सर वोटर आईडी कार्ड में कुछ न कुछ गड़बड़ी हो जाती है। गड़बड़ी फोटो, नाम, पता, पिता का नाम या उम्र में हो सकती है। ऐसे में यह फार्म आपके काम आएगा। इसे भी ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी भरा जा सकता है। फार्म में सही जानकारियों को दर्ज करने के बाद आपको इसको प्रमाणित करने वाले पेपर्स लगाने होंगे। जांच के बाद आईडी कार्ड में संशोधन कर दिया जाएगा और नया आईडी आपके पते पर पहुंचा दिया जाएगा।

फार्म नंबर 8 ए

यह फार्म उन लोगों के लिए है जो पहले से वोटर हैं। अगर किसी मतदाता का पता बदल गया है और वह दूसरी विधानसभा में रहने लगा है तो इसका प्रयोग करें। वोटर लिस्ट में नए सिरे से नाम जुड़वाने की जगह मतदाता पता बदलवा सकता है। फार्म 8 ए भर देने से आपका नाम पुरानी लिस्ट से काटकर नई लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा। आप दोबारा नाम जुड़वाने की लंबी प्रक्रिया के झमेले से भी बच जाएंगे। फार्म भरने के बाद एरिया का बीएलओ जांच के लिए आएगा। वह आपसे पते के प्रमाण पत्र की ओरिजनल कॉपी भी मांगेगा।

ऑनलाइन प्रक्रिया

  1. ऑनलाइन आवेदन का ऑप्शन चुनने वाले लोग राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल या मेघायल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जाएं।
  2. मेन पेज पर ही आपको वोटर लिस्ट सर्च का बटन दिखेगा। पंजीकरण के पहले आप वोटर लिस्ट में अपना नाम सर्च कर लें।
  3. हो सकता है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ा हुआ हो और आपको इसकी भनक ही न हो।
  4. सर्च करने के लिए आपको अपना नाम, पिता या पति का नाम, उम्र व पता भरना होगा।
  5. सारी जानकारियां दर्ज करने के बाद सबमिट का बटन दबा दें। अगर आपका नाम पूरे प्रदेश में कहीं पर भी मतदाता सूची में होगा तो डिटेल पल भर में ही आपके सामने होगी।
  6. वोटर लिस्ट में नाम मिल जाता है तो आप नया फार्म भरने की जगह वोटर आईडी नंबर नोट कर लें। इस आधार पर आप डुप्लीकेट वोटर आईडी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
  7. यदि वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलता है तभी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को अपनाएं।
  8. ऑनलाइन आवेदन के पहले आपको अपना रजिस्टे्रशन एनएसवीपी पर करवाना होगा।
  9. नामांकन के लिए निर्वाचन क्षेत्र व जिले का चयन करें।
  10. इसके बाद अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पता व पिनकोड भरें।
  11. सारी जानकारियां दर्ज करने के बाद सबमिट के ऑप्शन को क्लिक कर दें। पल भर में आपका रजिस्टे्रशन हो जाएगा।
  12. ऑनलाइन रजिस्टे्रशन के तुरंत बाद ऑनलाइन आवेदन के कॉलम को ओपन करें। यह मेन पेज पर ही आपको मिल जाएगा।
  13. जैसे ही आप इसको क्लिक करेंगे फार्म नंबर 6 कंप्यूटर स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  14. फार्म नंबर 6 में आपको नाम, पता, उम्र को फिर से भरना होगा।
  15. फार्म को भरने के बाद पहचान, उम्र व पते के प्रमाण पत्र को अपलोड करें। अपलोड करने से पहले प्रमाण पत्रों को स्कैन कर लें।
  16. फार्म के साथ ही अपनी नई रंगीन फोटो जरूर अपलोड करें। बिना फोटो के फार्म रिजेक्ट हो जाएगा।
  17. डॉक्यूमेंट व फोटो को अपलोड करने के बाद सबमिट का बटन दबा दें।
  18. आपके कंप्यूटर के स्क्रीन पर फार्म सक्सेसफुल सबमिशन का मैसेज आ जाएगा।
  19. इसके बाद फार्म की पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर इसका प्रिंट निकाल लें।
  20. प्रिंट के साथ आपको उम्र, पहचान व पते के प्रमाण पत्रों की स्व प्रमाणित फोटो स्टेट कॉपी को भी लगाना होगा। वही प्रमाण पत्र लगाएं जिन्हें आपने अपलोड किया है।
  21. फार्म को एक लिफाफे में सील करें और इसको स्पीड पोस्ट से अपने जिले के निर्वाचन अधिकारी को भेज दें। स्पीड पोस्ट की रसीद को सुरक्षित रखें।
  22. जिला निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस का पता आपको एनएसवीपी या मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर मिल जाएगा।
  23. आप स्वयं भी फार्म के प्रिंट को प्रमाण पत्रों की फोटो स्टेट के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
  24. फार्म को खुद जमा करने जा रहे हैं तो वहां से रिसीविंग स्लिप को लेना बिल्कुल न भूलें।
  25. बिना रिसीविंग का आवेदन पक्का रद्दी की टोकरी में जाएगा। स्लिप में आवेदन नंबर होगा। इससे आप वोटर आईडी का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
  26. स्टेटस चेक करने में एनएसवीपी या मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट आपकी मदद करेगी।

ऑफलाइन प्रक्रिया

  • इस प्रक्रिया से फार्म भरने के लिए आपको पहले अपने जिले के निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस जाना होगा।
  • जिला निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस से फार्म नंबर 6 ले आएं। फार्म को अंग्रेजी या क्षेत्रीय भाषा में भरें।
  • अगर आप ऑफिस नहीं जाना चाहते हैं तो फार्म को एनएसवीपी के पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
  • फार्म में नाम, पता, पिता का नाम, उम्र के कॉलम को सावधानी से भरें। फार्म में काटपीट नहीं होनी चाहिए।
  • अगर फार्म भरते वक्त कोई गलती हो जाती है तो ओवर राइटिंग न करें। इसकी जगह आप नया फार्म भरें।
  • फार्म के साथ आपको पहचान, पते व उम्र के प्रमाण पत्र को संलग्र करना होगा।
  • फार्म को जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दें और इसकी रिसीविंग स्लिप ले लें।
  • स्लिप में मिले नंबर से आप राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं।
  • आप फार्म को अपने एरिया के बीएलओ के हाथ में भी दे सकते हैं। बीएलओ का नाम व मोबाइल नंबर आपको जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिल जाएगा।
  • फार्म जमा हो जाने के बाद बीएलओ जांच के लिए आपके घर आएगा और प्रमाण पत्रों की ओरिजनल कॉपी को देखेगा।

यह प्रमाण पत्र लगाएं

  • पहचान के प्रमाण पत्र के तौर पर आप आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र, पीएसयू की आईडी, मनरेगा जॉब कार्ड व पैन कार्ड को लगा सकते हैं।
  • उम्र के प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड, हाईस्कूल का सर्टिफिकेट व तहसील द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य हैं।
  • पते के प्रमाण पत्र के लिए आप आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, सरकारी व पीएसयू की आईडी, जॉब कार्ड लगा सकते हैं।

सुधार के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं

राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल के जरिए आप वोटर आईडी कार्ड से जुड़ी गलतियों को भी सुधरवा सकते हैं। इसके लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या ऑफलाइन प्रक्रिया को भी अपना सकते हैं। यदि आप ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं तो आपका काम काफी तेज गति से होगा। आपको फार्म में यह बताना होगा कि गलती कहां पर हुई है और सही नाम, पता या उम्र क्या है।

आपको नाम के कॉलम के सामने सही नाम भरना होगा। ऐसा ही पता, पिता का नाम, उम्र समेत अन्य जानकारियों में बदलाव करवाने के लिए करना होगा। अगर पहली बार ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले मोबाइल नंबर व ईमेल एडे्रस को रजिस्टर करवाना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के सुधार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। करेक्शन का फार्म भरने बाद दस्तावेजों की फोटो स्टेट और रंगीन फोटो जरूर अपलोड करें। यदि ऑफलाइन प्रक्रिया को अपना रहे हैं तो भी सारे प्रमाण पत्रों की फोटो स्टेट व रंगीन फोटो को जरूर लगाएं।

दोबारा न करें आवेदन

अगर आपका नाम पहले से किसी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज है तो आपको दूसरी जगह से नया फार्म नहीं भरना चाहिए। फिर से फार्म भरने की जगह आप पते के नए प्रमाण पत्र के साथ पता बदलवाने के लिए आवेदन करें। पता बदलवाने के लिए आपको फार्म नंबर 8 ए को भरना होगा। फार्म एनएसवीपी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आप इसको ऑनलाइन भी भर सकते हैं। ऑफलाइन प्रक्रिया को अपना रहे हैं तो इसका प्रिंट निकाल लें। अगर नाम कटवाए बिना ही आपने दूसरी जगह से फार्म भर दिया तो यह गलत होगा। आपका नाम दो-दो विधानसभाओं की वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा। वोटर लिस्ट को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया के शुरू होने पर आपका नाम एक जगह या दोनों जगह से कट सकता है।

ऐसे पता लगाएं पोलिंग बूथ या स्टेटस

मतदातन के पहले लोगों को पोलिंग स्टेशन और बूथ का पता लगाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार उनके पास पर्ची नहीं पहुंचती है। आप एनएसवीपी पर जाकर बूथ को सर्च कर सकते हैं। बूथ का पता लगाने में इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया का टोल फ्री नंबर 1950 भी आपकी मदद करेगा। इस नंबर पर आप सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच किसी भी कार्य दिवस में फोन कर सकते हैं। इसी नंबर से आप आवेदन का स्टेटस भी चेक कर सकते हैं।

जानकारियां सही होनी चाहिए

फार्म के साथ जो दस्तावेज आप लगाने जा रहे हैं, उसको जरूर चेक कर लें। फार्म में आपके द्वारा भरी जा रही सारी जानकारियां प्रमाण पत्रों से मेल खानी चाहिए। प्रमाण पत्र में जो नाम, पता या उम्र दर्ज है, वही आवेदन पत्र में भी भरें। फार्म में लिखी गई स्पेलिंग और प्रमाण पत्रों की स्पेलिंग में अगर फर्क होगा तो चुनाव आयोग के कर्मचारी फार्म को रिजेक्ट करने में एक पल की भी देरी नहीं लगाएंगे। अगर प्रमाण पत्र में कोई भी त्रुटि है तो आप फार्म भरने से पहले उसमें सुधार करवा लें।

About Ashutosh Srivastava

हिंदी पत्रकारिता में 21 वर्ष का अनुभव। दैनिक जागरण और अमर उजाला में लंबा समय दिया।

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